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उत्तरप्रदेश

घरों में घुसा पानी, तिरपाल बना आशियाना, मदद का इंतजार… गोमती के कहर से कराह रहा जौनपुर

जौनपुर में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे स्थित कई गांव इसकी चपेट में आ गए हैं. चंदवक क्षेत्र के बलुआ गांव में बाढ़ का पानी घरों के अंदर तक घुस चुका है. लोग घर छोड़कर तिरपाल डालकर सुरक्षित स्थानों पर अस्थाई रूप से रहने को मजबूर हैं. पिछले पांच दिनों से इस गांव के लोग बाढ़ से पीड़ित हैं, लेकिन अभी तक जिला प्रशासन को इसकी खबर तक नहीं है. TV9 डिजिटल की प्रसानिक दावों की पोल खोलने वाली ये रिपोर्ट आपको हैरान कर देगी. गृहस्थी का सामान डूबने से खाने पीने की देखते बढ़ गई हैं. लोगों ने बताया कि नमक, प्याज और रोटी खाकर किसी तरह वह लोग जी रहे हैं. उन्हें अभी तक कहीं से कोई मदद नहीं मिली.

बाढ़-बारिश से यूपी के कई जिले प्रभावित हैं. जौनपुर भी गोमती नदी के बढ़ते हुए जलस्तर की चपेट में है. केराकत और चंदवक क्षेत्र के कई गांव इसकी चपेट में हैं. इसमें बीरभंपुर, बरमलपुर, बलुआ, चंदवक, बरइच समेत कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं केराकत क्षेत्र में गोमती नदी के किनारे जलस्तर बढ़ने से श्मशान घाट डूब गए हैं, जिससे अब श्मशान घाट पर शव दाह नहीं हो पा रहा है. बगल के सुरक्षित स्थानों पर दाह संस्कार हो रहे हैं.

डीएम के झूठे दावों की खुली पोल

जौनपुर के जिलाधिकारी का दावा है कि जिले में बाढ़ ही नहीं है. प्रशासन की तरफ से बाढ़ से राहत और बचाव के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है. जब बाढ़ आएगी तो डीएम साहब का दावा है कि उससे निपट लिया जाएगा, लेकिन केराकत विधानसभा क्षेत्र के हालात डीएम साहब के हवा-हवाई दावों की पोल खोल रहे हैं.

परिवार में हुई मौत, संस्कार भी नहीं हुआ पूरा

बीरभानपुर गांव निवासी दयाराम गौड़ की मां की सड़क हादसे में सात दिनों पहले मौत हो गई थी. परिवार ठीक से तेरहवीं भी नहीं कर पाया. तब तक बाढ़ ने दोहरी मार दे दी. घरों में पानी घुसने से गृहस्थी का सामान डूब गया. परिवार समेत दयाराम अब तिरपाल और टीन शेड डालकर रहने को मजबूर हैं.

उनका आरोप है कि पांच दिन बीतने के बाद भी जिले का कोई प्रशासनिक अधिकारी उनकी हाल खबर लेने नहीं पहुंचा. करीब एक महीने पहले दयाराम की 8 वर्षीय बेटी की भी सर्पदंश से मौत हो चुकी है. घर में रखा आनाज, गृहस्थी का सामान अब डूब गया है. खाने-पीने में काफी दिक्कतें हो रही हैं. नमक, प्याज और रोटी खाकर लोग खुद और बच्चों का पेट पाल रहे हैं.

सांप बिच्छू निकल रहे, बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे

राजू प्रसाद की पत्नी आरती ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं. घर में बाढ़ का पानी का घुसने से घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जानवर निकल रहे हैं. परिवार के लोग काफी भयभीत हैं. बाढ़ की वजह से उनके बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं.

सैकड़ों एकड़ फसलें डूबीं

किसान नेता अजीत सिंह ने बताया कि गोमती नदी में जलवृद्धि होने से नदी के किनारे स्थित कई गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं. बाढ़ में करीब सैकड़ों एकड़ की फसल भी डूबकर बर्बाद हो गई है. जिले का कोई भी अधिकारी उनके क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति जानने के लिए नहीं पहुंचा है. अधिकारी जिले में ही बैठकर झूठी बयानबाजी कर रहे हैं.

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