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संसद से सड़क तक बवाल… बिगड़ी TMC सांसद की तबीयत… हिरासत में राहुल गांधी ने की ऐसे मदद

इंडिया गठबंधन वोटिंग लिस्ट में धांधली के आरोप चुनाव आयोग पर लगा रहा है. इस दौरान संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग के भवन तक इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन में नाटकीय दृश्य सामने आया है, जिसमें समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को पुलिस बैरिकेड के ऊपर कूदते देखा गया. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया क्योंकि दिल्ली पुलिस ने संसद से मार्च कर रहे नेताओं को रोक दिया. वहीं, एक सांसद की हिरासत के दौरान तबीयत बिगड़ गई.

दरअसल, टीएमसी नेता मिताली बाग मार्च के दौरान बेहोश हो गईं. राहुल गांधी और अन्य लोग टीएमसी सांसद मिताली बाग की मदद करते हुए दिखाई दिए. राहुल गांधी ने बस से उतरकर उनको गाड़ी में इलाज के लिए भिजवाया और वापस बस में चले गए. यह विरोध मार्च विपक्षी इंडिया गठबंधन की ओर से चुनावी राज्य बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान “मतदाता धोखाधड़ी” के आरोपों के खिलाफ निकाला जा रहा था.

राहुल गांधी ने कहा, ‘वोट चोरी का सच अब सबके सामने आ गया है. यह लड़ाई राजनीतिक नहीं है; यह संविधान की रक्षा की लड़ाई है. यह एक व्यक्ति, एक वोट के मूल सिद्धांत की लड़ाई है और इसकी अखंडता सुनिश्चित करने के लिए हमें एक स्वच्छ, पारदर्शी मतदाता सूची की आवश्यकता है.’

‘देश में कैसा लोकतंत्र है?’

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘अगर सरकार हमें चुनाव आयोग तक पहुंचने नहीं देती, तो हमें समझ नहीं आता उसे किस बात का डर है? इस मार्च में सभी सांसद थे, हम शांतिपूर्ण ढंग से मार्च निकाल रहे थे. हम चाहते थे कि चुनाव आयोग सभी सांसदों को बुलाता, हम मीटिंग करते और अपना-अपना पक्ष रखते, लेकिन चुनाव आयोग कह रहा है कि सिर्फ 30 मेंबर आएं. ऐसा कैसे संभव है?’

कांग्रेस महासचिव और पार्टी सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘पुलिस और सरकार हमें 30 सेकंड भी मार्च नहीं करने दे रही है. वे हमें यहीं रोकना चाहते हैं. देश में कैसा लोकतंत्र है? सांसदों को चुनाव आयोग जाने की आजादी नहीं है. अब वे कह रहे हैं कि सिर्फ 30 लोग ही आ सकते हैं, लेकिन कम से कम उन 30 लोगों को चुनाव आयोग कार्यालय जाने की अनुमति तो दीजिए.’

प्रदर्शन को लेकर क्या बोली दिल्ली पुलिस?

वहीं, नई दिल्ली के डीसीपी देवेश कुमार महला ने कहा कि चुनाव आयोग से 30 सांसदों के लिए अनुमति थी. चूंकि वे बड़ी संख्या में थे, इसलिए हमने उन्हें हिरासत में लिया. हमने उन्हें सूचित किया है कि 30 सांसदों को चुनाव आयोग से मिलने की अनुमति दी जाएगी. नई दिल्ली के ज्वाइंट सीपी दीपक पुरोहित ने कहा कि हिरासत में लिए गए इंडिया ब्लॉक नेताओं को पास के पुलिस स्टेशन ले जाया गया है. हम अभी भी हिरासत में लिए गए सांसदों की संख्या गिन रहे हैं. यहां विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी, लेकिन हमें सूचना मिली थी.

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