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PM मोदी के कार्यक्रम में नहीं पहुंचीं ममता बनर्जी, ‘पुरानी यादों’ पर BJP ने किया पलटवार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेट्रो रेल परियोजना के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद किया. ममता बनर्जी ने लिखा कि जब वह रेल मंत्री थीं तब उन्होंने कोलकाता मेट्रो प्रोजेक्ट की योजना बनाई थी और उसकी मंजूरी भी दी थी. फिर मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में मदद की. लेकिन विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस पर नाराजगी जताई. उन्होंने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वह ऐसी परियोजनाओं का श्रेय ले रही हैं जो उनके कार्यकाल में रुकी हुई थीं और अब पूरी हो रही हैं.

ममता बनर्जी ने एक्स पर लिखा कि आज मैं कुछ पुरानी यादों को फिर से जीना चाहती हूं. रेल मंत्री के तौर पर मुझे कोलकाता में मेट्रो रेलवे कॉरिडोर की शृंखला की योजना बनाने और स्वीकृति देने का अवसर मिला. मैंने योजनाएं तैयार कीं, वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था की, काम शुरु करवाया और यह सुनिश्चित किया कि शहर के अलग-अलग हिस्से एक इंट्रा-सिटी मेट्रो नेटवर्क से जुड़े रहें. बाद में पश्चिम बंगाल की सीएम के रूप में मुझे इन परियोजनाओं को साकार करने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ. मैंने जमीन निशुल्क उपलब्ध करवाई, नई सड़कें बनवाईं, प्रभावित लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित किया और निर्माण में आ रही अड़चनों को दूर किया. मेट्रो का यह विकास मेरे लिए एक लंबी यात्रा रही है.

शुभेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर तीखा हमला

विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री बनर्जी की पोस्ट की आलोचना करते हुए कहा कि आपकी पुरानी यादें दरअसल आपके कार्यकाल में ठप पड़ी परियोजनाओं का श्रेय लेने की एक हताश कोशिश भर हैं. उन्होंने कहा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की व्यक्तिगत अपील के बावजूद ममता बनर्जी सहयोग के लिए तैयार नहीं हुईं.

केंद्र सरकार की रेलवे परियोजनाओं में भारी बढ़ोतरी

शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पश्चिम बंगाल के लिए रेलवे वित्त पोषण में बढ़ोतरी हुई है. यह बजट 4,380 करोड़ रुपये से बढ़कर 13,955 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है जिससे राज्य में कई महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को रिकॉर्ड समय में पूरा किया जा सका. मोदी सरकार में बंगाल के लिए यूपीए सरकार के दौरान जहां रेलवे को औसतन 4,380 करोड़ रुपये दिए जाते थे वहीं अब यह राशि तीन गुना बढ़ाकर 13,955 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. वर्तमान में राज्य में कुल 83,765 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाएं प्रगति पर हैं. अधिकारी ने ईस्ट-वेस्ट मेट्रो परियोजना के सियालदह से एस्प्लेनेड खंड में हो रही देरी और साथ ही न्यू गरिया से एयरपोर्ट तक के मेट्रो कॉरिडोर के लिए लंबित एनओसी होने की बात भी सामने रखी.

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ग्लोबल लेवल पर कनेक्टिविटी दे रहे हैं. इसके उलट आप बहानों के पीछे छिपते नजर आ रहे हैं. एक हारे हुए नेता की तरह उद्घाटन से दूरी बना रहे हैं. आपका योगदान जीरो है. बंगाल को झूठे दावों नहीं प्रधानमंत्री मोदी के विजन की जरूरत है.

टीएमसी का पलटवार

शुभेंदु अधिकारी के आरोपों का जवाब देते हुए टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि बंगाल में भाजपा की हार तय है. जिन राज्यों में भाजपा की डबल इंजन सरकार है वहां सिर्फ भ्रष्टाचार, कुशासन और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध देखने को मिलते हैं. पीएम मोदी की सरकार पर जो गंभीर आरोप लगे हैं उन पर कोई जवाब नहीं दिया गया. इसके अलावा मोदी जी बंगाली भाषा का अपमान करते हैं और इसकी भरपाई के लिए टेलीप्रॉम्प्टर पढ़ते हैं.

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