ब्रेकिंग
Rahul Gandhi Politics Analysis: राहुल गांधी का मिशन 2029; मोदी के करिश्मे और गठबंधन की राजनीति के बी... Uttarakhand Corruption News: भ्रष्टाचार के खिलाफ CM धामी की बड़ी कार्रवाई; हरिद्वार के पूर्व अधिकारिय... Deoria Medical Negligence: मेडिकल कॉलेज की बड़ी लापरवाही; टूटे दाहिने हाथ की जगह बाएं हाथ में चढ़ाया प... Varanasi Elevated Corridor: वाराणसी में 25 हजार करोड़ से बनेगा वरुणा और गंगा एलिवेटेड रोड; जाम से मि... Andhra Pradesh Crime News: पारिवारिक विवाद में पिता का खौफनाक कदम; तीन बेटियों की हत्या के बाद खुद द... Telangana Hospital Negligence: महिला की अस्थियों में मिली कैंची; सरकारी अस्पताल की लापरवाही से मां-ब... Winter Air Quality Delhi: प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा एक्शन; पार्किंग फीस दोगुनी, व... Deoghar Housing Scam: अबुवा और पीएम आवास योजना में रिश्वत का खेल; बंदाजोरी पंचायत के ग्रामीणों ने लग... Congress vs RJD Jharkhand: राज्यसभा चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस-राजद आमने-सामने; 'घटिया मानसिकता' व... Child Labour Rescue Dumka: बासुकीनाथ में श्रम विभाग की बड़ी कार्रवाई; 3 बाल श्रमिकों को कराया मुक्त, ...
दिल्ली/NCR

दिल्ली के कैंसर अस्पताल में डॉक्टरों को दी गई पैलिएटिव केयर की ट्रेनिंग, जानिए क्यों है जरूरी

दिल्ली के कैंसर अस्पताल में डॉक्टरों को दी गई पैलिएटिव केयर की ट्रेनिंग, जानिए क्यों है जरूरी दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (GNCTD) ने दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (DSCI) के सहयोग से राष्ट्रीय पैलिएटिव केयर कार्यक्रम (NPPC) के अंतर्गत डॉक्टरों के लिए दूसरा दो दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया. पहला तीन दिवसीय ट्रेनिंग इस साल फरवरी में आयोजित की गई थी. अब तीसरा दौर की ट्रेनिंग सितंबर में आयोजित की जाएगी.

इस ट्रेनिंग का उद्देश्य डॉक्टरों के ज्ञान और क्लीनिकल स्किल को सुदृढ़ करना है ताकि वे कैंसर, अंगों की गंभीर असफलता, एचआईवी और अन्य दीर्घकालिक रोगों से पीड़ित रोगियों को पैलिएटिव केयर प्रदान कर सकें. कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने पैलिएटिव केयर के सिद्धांत और दायरा-दर्द और लक्षण प्रबंधन तकनीकें, नैतिक और मनो-सामाजिक पहलू, डॉक्टर-मरीज-परिवार के बीच प्रभावी संवाद के साथ साथ जीवन की अंतिम अवस्था में देखभाल तथा बहु-विषयक दृष्टिकोण पर जोर डाला.

डीएससीआई के पेन और पैलिएटिव केयर विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. विक्रम प्रताप सिंह ने कहा, ‘पैलिएटिव केयर स्वास्थ्य सेवाओं का अनिवार्य हिस्सा है, जो केवल मरीजों के लिए ही नहीं बल्कि उनके परिवारों के लिए भी उतना ही जरूरी है. यह ट्रेनिंग हमारे डॉक्टरों को दयालु और रोगी-केंद्रित देखभाल प्रदान करने में सक्षम बनाएगा और जरूरतमंदों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर करेगा.’

‘मरीजों को उपचार के दौरान मिल सहूलियत’

डीएससीआई के संयुक्त निदेशक डॉ रविन्दर सिंह ने कहा, ‘इस पहल के माध्यम से हम ट्रेनिंग पेशेवरों का ऐसा ग्रुप तैयार करना चाहते हैं, जो पैलिएटिव केयर को नियमित अस्पताल सेवाओं में समाहित कर सके, ताकि कोई भी मरीज उपचार के दौरान गरिमा और आराम से वंचित न रहे.’ यह आयोजन एनपीपीसी के अंतर्गत क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो दिल्ली की सुलभ और किफायती पैलिएटिव केयर सेवाओं को विस्तार देने की प्रतिबद्धता को मजबूती प्रदान करता है.

भगवान महावीर अस्पताल के डॉ. ललित मदान का कहना है कि हम हमेशा जीने की कला की बात करते हैं, लेकिन जब तक हम मरने की कला को कम से कम पछतावे के साथ नहीं सीखते, तब तक जीवन को पूर्णता के साथ नहीं जी सकते. इस तरह की ट्रेनिंग हमारे जीने के नजरिए को बेहतरीन बनाती है.

Related Articles

Back to top button