सीधी में खाद का संकट, दिनभर भूखे-प्यासे लाइन में खड़े रहते किसान, फिर भी लौट रहे खाली हाथ
सीधी: खेती किसानी के सीजन में खाद की किल्लत से किसान रोजाना परेशान हो रहे हैं. फसलों में खाद डालने का समय निकलता जा रहा है जिससे किसानों के पास समस्या गहराती जा रही है. अमिलिया खाद गोदाम में किसानों को टोकन मिलने के बावजूद खाद नहीं मिल पा रही है. किसानों का कहना है कि वे दिनभर भूखे-प्यासे लाइन में खड़े रहते हैं लेकिन शाम तक भी उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है.
टोकन मिलने के बाद भी खाली हाथ किसान
किसान संजय त्रिपाठी ने बताया कि “उन्हें टोकन 3 दिन पहले ही मिल गया था. लेकिन इसके बावजूद अभी तक खाद की एक भी बोरी नहीं मिली है. उनका कहना है कि उनके जैसे सैकड़ों किसान हैं जो रोजाना गोदाम का चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन खाद के अभाव में निराश लौट रहे हैं. फसल की नाजुक स्थिति को देखते हुए यह समस्या किसानों की बड़ी चिंता का कारण बन गई है.”
किसानों की समस्या देख पहुंचे पूर्व मंत्री
शनिवार की शाम और रविवार सुबह इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलेश्वर पटेल गोदाम में पहुंचे और किसानों से मुलाकात की. किसानों की शिकायतें सुनीं और उनके परेशानियों का समझा. जिसके बाद मौके पर ही तुरंत सिहावल एसडीएम प्रिया पाठक को फोन लगाया. कमलेश्वर पटेल ने एसडीएम को किसानों की यथास्थिति से अवगत कराया. पटेल ने प्रशासन से मांग की कि किसानों को शीघ्र खाद उपलब्ध कराई जाए ताकि फसल बर्बाद होने से बच सकें.
किसानों में बंधी उम्मीद
एक ओर जहां किसानों में खाद न मिलने से भारी नाराजगी है, वहीं पूर्व मंत्री के मौके पर पहुंचने और उनके द्वारा प्रशासन से सीधी बात करने के बाद राहत की उम्मीद बंधी है. किसानों को आशा है कि अब उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा और जल्द ही व्यवस्था कर किसानों को खाद दिया जाएगा. किसानों का कहना है कि अगर जल्द खाद नहीं मिली तो उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी और मेहनत पर पानी फिर जाएगा.






