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IT से लेकर Textile और रबड़ चप्पल तक… इंडस्ट्री पर मंडरा रहा बड़ा खतरा, मंदी के हालात

जालंधर : अमरीका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियां विश्व के सभी देशों में अनिश्चितता और मंदी के हालात पैदा करने में लगे हुए हैं जिसके दुष्परिणाम आम जनता को भुगतने पड़ेंगे। रबड़ इंडस्ट्री से जुड़े युवा उद्यमी विवेक गुप्ता ने कहा कि मंदी का दर्द सभी लोगों को आने वाले 2-3 वर्षों तक झेलना पड़ेगा।

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उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प की नीति अमरीका फर्स्ट के कारण वह अन्य देशों पर दबाव डालने वाली टैरिफ नीतियों को लागू करने में लगे हुए हैं जिसके दुष्परिणाम जल्द ही सामने आने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि न केवल रबड़ इंडस्ट्री पर दुष्प्रभाव पड़ेगा बल्कि भारतीय आई.टी., टैक्सटाइल, हैंडटूल्स तथा अन्य उद्योगों पर भी विपरीत असर पड़ने की संभावना दिखाई दे रही है।

रबड़ व चप्पल उद्योग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मांग में बढ़ौतरी न होने के कारण परिस्थितियां जटिल बनी हुई हैं। अमरीका टैरिफ नीतियों के कारण अगर भारत में बेरोजगारी बढ़ती है तो इससे आम जनता की खरीद शक्ति कम होगी जिससे रबड़ चप्पल की मांग पर भी विपरीत असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को जहां एक तरफ अमरीका के साथ बातचीत करके टैरिफ समस्या का हल निकालना है वहीं पर दूसरी ओर उसे उद्योगों के लिए राहत पैकेज भी घोषित करना है। इस राहत पैकेज का ऐलान करने में देरी नहीं होनी चाहिए क्योंकि उद्योगों के ऊपर पहले ही काफी विपरीत असर पड़ा हुआ है।

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