ब्रेकिंग
अनाज के दानों से विदेशी मेहमानों का अनोखा स्वागत: नर्मदापुरम के किसान ने दिखाई अनूठी कला MP Barrier Free Tolling: देवास-भोपाल कॉरिडोर पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू, FASTag और कैमरों से ऑटोमैटिक क... Ladli Behna Yojana 40th Installment: 13 सितंबर को आगर-मालवा से 40वीं किस्त जारी करेंगे सीएम मोहन याद... Indore Police Bravery: इंदौर में धू-धू कर जली कार, ट्रैफिक पुलिस टीम ने कांच तोड़कर चालक को निकाला; ... Jabalpur News: 4 साल पहले तोड़ा स्कूल भवन, आज तक नहीं बनी छत; पेड़ के नीचे और आंगनबाड़ी में पढ़ने को... Jabalpur News: कीचड़ भरे रास्ते पर तड़पकर हुई डिलीवरी, गुस्साए पूरे गांव ने फावड़ा उठाकर खुद बना डाल... जबलपुर में बेलगाम डंपर का कहर: मंदिर से घर लौट रही महिला शिक्षिका को कुचला, इलाज के दौरान मौत भारत-अफगानिस्तान पहले टी20 से पहले ईशान किशन की फिटनेस पर नजरें: ट्रेनिंग सेशन मिस करने से बढ़ी थी च... Android Malware Alert: सावधान! 'मैंटेक्स ओटैक्स' मैलवेयर चुरा रहा है OTP और व्हाट्सएप चैट, सिक्योरिट... Manicure Pedicure Care Tips: मैनीक्योर-पेडीक्योर के बाद भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना काली पड़ ...
देश

ईस्टर को मौके पर पीएम मोदी ने लोगों को दी बधाई, कोरोना वायरस से निपटने के लिए की प्रार्थना

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ईस्टर के अवसर पर शुभकामनाएं दीं और प्रार्थना की कि यह दिन कोविड-19 से सफलतापूर्वक निपटने के लिए और ताकत प्रदान करे। पीएम ने ट्वीट करते हुए लिखा ईस्टर के विशेष अवसर पर सभी को शुभकामनाएं। हम प्रभु मसीह के महान विचारों को याद करते हैं, विशेष रूप से गरीबों और जरूरतमंदों को सशक्त बनाने की उनकी अटूट प्रतिबद्धता। उन्होंने आगे लिखा कि ये ईस्टर हमें कोरोना वायरस को फलतापूर्वक मात देने और एक स्वस्थ ग्रह बनाने की शक्ति प्रदान करें।

ईस्टर ईसाई धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। ईसाई समुदाय के लोग ईस्टर संडे को बड़े हर्षों उल्लास और खुशी के साथ मनाते हैं। बता दें कि ईसाई धर्म के अनुसार, गुड फ्राइडे के दिन ईसा मसीह ने सत्य की रक्षा करते हुए लोगों को सत्य के मार्ग पर चलने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्हें सूली पर चढ़ा दिया गया है। ईसाई धर्म में ऐसी मान्यता है कि संडे के दिन प्रभु मसीह फिर से जीवित हो गए थे।

प्रभु ईसाह मसीह के पुर्नजीवित होने पर ईसाई समुदाय के लोग हर वर्ष इस दिन को ईस्टर के तौर पर मनाने लगे। ऐसा माना जाता है कि प्रभु मसीह के दोबारा जन्म लेने के करीब 40 दिन बाद अपने अनुयायियों को मानवता की रक्षा और सत्य का साथ कैसे देना है इसका संदेश दिया। इसके ठीक 40 दिन बाद उन्होंने फिर से अपने प्राण त्याग दिए।

Related Articles

Back to top button