MP Barrier Free Tolling: देवास-भोपाल कॉरिडोर पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू, FASTag और कैमरों से ऑटोमैटिक कटेगा टोल

इंदौर / भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए यात्रा को सुगम, निर्बाध और तकनीकी रूप से अपग्रेड करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।
देवास-भोपाल हाईवे स्थित फंदा टोल प्लाजा पर आधुनिक ‘बैरियर-फ्री’ (Barrier-Free) टोलिंग व्यवस्था का सफल ट्रायल शुरू कर दिया गया है। देवास भोपाल कॉरिडोर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया गया है। इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद अब टोल प्लाजा की लेनों में वाहनों को रोकने के लिए बूम बैरियर (बैरिकेड) गिराने की बाध्यता समाप्त हो रही है, जिससे चालकों को टोल कटाने के लिए भीषण गर्मी या व्यस्त समय में लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। इससे यात्रियों के बहुमूल्य समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी।
📷 FASTag और हाई-टेक कैमरों से ऑटोमैटिक पहचान: ऐसे काम कर रहा नया सिस्टम
तकनीकी कार्यप्रणाली और स्वचालित प्रक्रिया:
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कैमरा व सेंसर आधारित ट्रैकिंग: फंदा टोल प्लाजा पर संचालित इस पायलट प्रोजेक्ट में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID आधारित FASTag) के साथ-साथ उच्च क्षमता वाले स्वचालित नंबर प्लेट रीडर (ANPR) कैमरों का समन्वय किया गया है।
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स्वचालित लेन-देन: जैसे ही कोई वाहन सामान्य गति से टोल लेन से होकर गुजरता है, सेंसर और कैमरे चंद सेकेंडों में वाहन की पहचान कर लेते हैं और टोल की राशि सीधे फास्टैग वॉलेट से स्वचालित रूप से कट जाती है।
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ईंधन की बचत: वाहनों को शून्य गति तक ब्रेक लगाने और पुनः पहले गियर से गति पकड़ने की आवश्यकता न होने से क्लच-ब्रेक के अनावश्यक घिसाव और ईंधन की अतिरिक्त खपत में उल्लेखनीय कमी आती है।
🚗 पीक आवर्स के जाम से निजात: अमलाहा और भौरासा टोल पर भी विस्तार की तैयारी
यातायात प्रबंधन और भविष्य की रूपरेखा:
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ट्रैफिक जाम पर लगाम: सामान्य तौर पर सुबह और शाम के पीक आवर्स के दौरान टोल बूथों पर वाहनों की आधा-आधा किलोमीटर लंबी कतारें लग जाती थीं, जो इस बैरियर-फ्री व्यवस्था से पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी।
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अन्य प्लाजा पर भी होगा लागू: देवास-भोपाल कॉरिडोर प्रबंधन के अनुसार, यदि फंदा टोल प्लाजा पर यह पायलट प्रोजेक्ट तकनीकी रूप से पूरी तरह खरा उतरता है, तो बहुत जल्द इस कॉरिडोर के अंतर्गत आने वाले अमलाहा और भौरासा टोल प्लाजा पर भी बैरियर-फ्री सिस्टम सक्रिय कर दिया जाएगा।
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ग्रीन और फास्ट ट्रैवल: इस आधुनिक पहल से भविष्य में हाईवे पर वाहनों का आवागमन निर्बाध होगा और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी दर्ज की जाएगी।
🎙️ प्रोजेक्ट मैनेजर का बयान: तकनीकी संचालन और क्षमता का हो रहा है आकलन
कंपनी प्रबंधन और आधिकारिक प्रतिक्रिया:
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प्रोजेक्ट मैनेजर अजय मिश्रा का पक्ष: देवास-भोपाल कॉरिडोर प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर अजय मिश्रा ने बताया, “फंदा टोल प्लाजा पर बैरियर-फ्री टोल वसूली की नई तकनीक के अंतर्गत फास्टैग और कैमरा आधारित वाहन स्कैनिंग का एकीकृत उपयोग किया जा रहा है। इसका प्राथमिक लक्ष्य लेन में वाहनों के रुकने और प्रतीक्षा समय (Waiting Time) को शून्य के करीब लाना है।”
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डेटा और गति का विश्लेषण: उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में पायलट परीक्षण के जरिए नेटवर्क गति, सर्वर रिस्पॉन्स टाइम, गलत स्कैनिंग की संभावनाओं और लेन-देन की सटीकता का तकनीकी आकलन किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में इसे पूरी क्षमता के साथ स्थाई रूप से संचालित किया जा सके।





