ब्रेकिंग
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर शिव पूजा में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, पुण्य की जगह लग सकता ... वैलेंटाइन डे स्किन केयर: चेहरे पर आएगा चांद जैसा ग्लो, आजमाएं ये आसान घरेलू फेस पैक; हर कोई पूछेगा ख... RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान: बोले- अवैध प्रवासियों को रोकना सरकार की जिम्मेदारी, जनसांख्यिकीय... Lonavala Tragedy: लोनावाला की 400 फीट गहरी खाई में मिली नवी मुंबई की लॉ छात्रा की लाश, ट्रैकिंग के द... Mamata vs Centre: दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं? ममता बनर्जी ने बंगाल से बुलाई स्पेशल फोर्स, दिल्ली में... नोएडा मर्डर: दहेज में फ्लैट नहीं मिला तो हैवान बना पति, गर्भवती पत्नी की गला घोंटकर हत्या; ससुराल वा... Mira Bhayandar Mayor Election 2026: डिंपल मेहता या रुबीना खातून? मीरा भाईंदर के मेयर पद के लिए कांटे... Ranchi Suicide Case: एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने क्यों दी जान देने की कोशिश? बेटे की मौत के बाद म... UP RTE Admission 2026-27: यूपी के प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन शुरू, आज ही करें ऑनलाइन आवेदन; जा... खूनी इश्क! पूर्व प्रेमी के साथ संबंध बना रही थी युवती, अचानक पहुंचे नए बॉयफ्रेंड ने शुरू किया खूनी ख...
हिमाचल प्रदेश

पूर्व CM फारूक अब्दुल्ला की बिगड़ी तबीयत… श्रीनगर के अस्पताल में कराया गया भर्ती

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को शनिवार (4 अक्टूबर) को श्रीनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि 87 साल के फारूक अब्दुल्ला की तबीयत पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रही थी, जिसकी वजह से आज उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने जानकारी देते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को इस सप्ताह की शुरुआत में पेट में संक्रमण हो गया था और उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया था. पार्टी के एक नेता ने कहा कि’पिछले कुछ दिनों से उनकी (अब्दुल्ला) तबीयत ठीक नहीं थी, हालांकि अब उनकी हालत में सुधार हो रहा है और उन्हें आज या कल छुट्टी मिलने की संभावना है’.

1937 को श्रीनगर में हुआ जन्म

फारूक अब्दुल्ला का जन्म 21 अक्टूबर 1937 को श्रीनगर में हुआ था. वो जम्मू-कश्मीर के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं. 87 साल की उम्र में भी वो पूरी तरह से राजनीति में सक्रीय हैं और तमाम मुद्दों पर अपनी बात रखते हैं. उन्होंने अपनी पढ़ाई इंग्लैंड से पूरी की. 1975 में वो इंग्लैंड से भारत लौटे और अपने पिता शेख अब्दुल्लाह की राजनीतिक विरासत संभाला. हालांकि इसमें उनकी ब्रिटिश नागरिकता ने परेशानी खड़ी की लेकिन बाद में उन्हें भारतीय नागरिकता मिल गई जिसके बाद वो राजनीति में आए.

1980 में पहली बार सांसद चुने गए

साल 1980 में फारूक अब्दुल्ला पहली बार बतौर सांसद चुने गए. ये किसी भी चुनाव में उनकी पहली जीत थी. इसके बाद अब्दुल्ला ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. . साल 1982 में वो पहली बार विधायक बने और इसके बाद पांच बार विधायक रहे. 1982 से 83 तक उन्होंने जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य मंत्री का भी पदभार संभाला.

1983 में बने मुख्यमंत्री

साल 1983 में फारूक अब्दुल्ला को जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री चुना गया. इसके बाद वो तीन बार यहां मुख्यमंत्री के पद पर रहे. फरवरी 2009 में वो दूसरी बार राज्यसभा के लिए चुने गए. इसी साल उन्होंने लोकसभा चुनाव में भी जीत दर्ज की. 31 मई 2009 से लेकर मई 2014 तक फारूक केंद्र सरकार में नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के पद पर रहे. फारूक अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के मौजूदा मुख्यमंत्री हैं.

Related Articles

Back to top button