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पंजाब के Students के लिए राहत भरी खबर, विशेष Guidelines जारी

अमृतसर: शिक्षा विभाग ने बढ़ते स्कूली बस्ते के बोझ को कम करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने विद्यार्थियों के शरीर पर पड़ने वाले शारीरिक व मानसिक प्रभावों को देखते हुए स्कूली बस्ते के बोझ को सीमित करने का फैसला किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई स्कूल विद्यार्थियों से अनावश्यक रूप से ज्यादा किताबें मांगकर स्कूली बस्ते का बोझ बढ़ाता पाया गया तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

जिला शिक्षा अधिकारी मिडल राजेश शर्मा ने बताया कि अधिकांश स्कूलों में न चाहते हुए भी विद्यार्थियों से स्कूल की कॉपी-किताबें रोज़मर्रा की जिंदगी में मंगवाई जा रही हैं। जरूरत न होने पर भी किताबों की अधिकता के कारण विद्यार्थियों पर बैग का बोझ बढ़ रहा है। स्कूल बैग के भारी वज़न के कारण न सिर्फ विद्यार्थियों का शारीरिक विकास नहीं हो पा रहा है, बल्कि उनकी रीढ़ की हड्डी में दर्द और अन्य बीमारियां भी विद्यार्थियों को जकड़ रही हैं।

विभाग द्वारा उपरोक्त मामला संज्ञान में आने के बाद विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के स्कूल बैग बहुत हल्के होने चाहिए। अगर स्कूलों को भारी किताबों की ज़रूरत हो तो उन्हें स्कूल परिसर में ही रखा जाए और अगले दिन किताबें विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए दी जाएं और फिर उन्हें दोबारा स्कूल परिसर में रख दिया जाए। अगर भविष्य में कोई भी नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में एक विशेष टीम भी गठित की गई है, जो स्कूलों का दौरा करके यह सुनिश्चित करेगी कि विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं। इसके अलावा, एक अलग टीम बनाई जाएगी जो स्कूलों में आने वाले ऑटो और बस वैन की जांच करेगी।

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