ब्रेकिंग
HCL मलाजखंड और आईआईटी कानपुर की SATHEE पहल ने मलाजखंड में आयोजित किया करियर काउंसलिंग एवं जागरूकता स... गाजियाबाद में निषाद पार्टी का कार्यक्रम, काफी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल कवर्धा में फर्जी डिजिटल पेमेंट का भंडाफोड़: फर्जी रिसीविंग दिखाकर नकद राशि ऐंठने वाले गिरोह पर एक्शन Bhilai News: भिलाई सेक्टर-2 में गटर की सफाई के दौरान मिला नवजात का शव, इलाके में सनसनी; जांच में जुट... Barwani News: बिजासन घाट में शिमला मिर्च से भरे मिनी ट्रक में लगी भीषण आग, कूदकर बची ड्राइवर की जान;... लाठीचार्ज के बाद भड़के डॉक्टर्स, सीनियर रेजिडेंट्स ने किया OPD का बहिष्कार; JDA का समर्थन MP High Court on Dacoity Act: जब प्रदेश में डकैत ही नहीं तो 45 साल पुराना एक्ट क्यों? हाईकोर्ट ने DG... भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर: कमला पार्क में धरना जारी, मिला कांग्रेस का... रतलाम में मॉडिफाइड साइलेंसरों पर गरजा पुलिस का बुलडोजर: 108 साइलेंसर कुचले, ₹1 लाख का जुर्माना वसूला Gwalior Achaleshwar Mandir: अचलेश्वर महादेव मंदिर की दानपेटी से निकली अनोखी चिट्ठियां, भक्त बोला- 'क...
मध्यप्रदेश

13 लाख का बिल, 16 डायलिसिस भी फेल: दो साल की बेटी की मासूम बात सुन परिवार बेबस होकर रो पड़ा

‘पापा घर ले चलो…’ बस यही दो शब्द थे, जिन्हें सुनकर सुशांत ठाकरे रो पड़े थे. वो दो साल की नन्ही बेटी योजिता की आवाज थी- कमजोर, थकी हुई, मगर अब भी उम्मीद भरी. लेकिन उस पल सुशांत नहीं जानते थे कि उनकी बेटी की यह जिंदगी का आखिरी संवाद होगा. छिंदवाड़ा के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने वाले टीचर सुशांत ठाकरे की आंखों में आंसू हैं, वे कहते हैं कि मैंने 13 लाख खर्च किए, दिन-रात दौड़ता रहा… लेकिन अपनी बेटी को नहीं बचा सका. सरकार अब 4 लाख दे रही है, पर मेरी बेटी तो वापस नहीं आएगी.

Related Articles

Back to top button