एमएसएमई के लिए होगी खास राहत
पंजाब सरकार ने छोटे और मध्यम दर्जे के उद्योगों (MSME) के लिए सबसे बड़ी राहत दी है। नए कानून के तहत, एमएसएमई कंपनियों को पहले तीन साल तक खुद ही घोषणापत्र (सेल्फ-डिक्लेरेशन) देकर कारोबार शुरू करने की अनुमति मिल गई है। इसका मतलब है कि छोटे कारोबारियों को शुरुआत में सरकारी निरीक्षण और जांच का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इसके अलावा, छोटे कारोबारियों के लिए कई दस्तावेज़ी औपचारिकताएं हटा दी गई है। पहले जहां 15-20 तरह के सर्टिफिकेट और परमिशन लेनी पड़ती थी, अब सिर्फ 5-6 ज़रूरी दस्तावेज़ ही काफी है। इससे छोटे दुकानदार, वर्कशॉप चलाने वाले और घरेलू उद्योग करने वाले लोगों को बहुत फायदा होगा।
पंजाब में लगभग 3.5 लाख एमएसएमई यूनिट्स हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इन्हें मज़बूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
पंजाब सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक विशाल ‘लैंड बैंक’ तैयार किया है। इसमें राज्य भर में 50,000 एकड़ से अधिक ज़मीन चिन्हित की गई है, जो उद्योग लगाने के लिए तैयार है। यह ज़मीन प्रमुख हाईवे और शहरों के पास स्थित है, जिससे कनेक्टिविटी की कोई समस्या नहीं होगी।
राज्य में 78 इंडस्ट्रियल पार्क और एस्टेट है, जिन्हें अपग्रेड किया जा रहा है। नए इंडस्ट्रियल पार्क भी बनाए जा रहे हैं, खासतौर पर लुधियाना, जालंधर, मोहाली, अमृतसर, पटियाला और बठिंडा जैसे बड़े शहरों के आसपास।
‘इन्वेस्ट पंजाब’ पोर्टल – जहां एक क्लिक पर सारी सुविधाएं मिलती है
सरकार ने कारोबारियों की सुविधा के लिए ‘इन्वेस्ट पंजाब’ नाम का एक डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल पर निवेशक घर बैठे सभी ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड कर सकते है, परमिशन के लिए आवेदन कर सकते है, और अपने एप्लीकेशन की स्थिति ट्रैक कर सकते है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद निवेशकों से मिल रहे है और उनकी समस्याओं को सुन रहे है। हाल ही में उन्होंने मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और चंडीगढ़ में कई रोड शो और निवेशक सम्मेलन किए, जिनमें सैकड़ों कंपनियों ने हिस्सा लिया। सीएम मान ने कहा, “पंजाब के पास सब कुछ है – मेहनती युवा, अच्छी कनेक्टिविटी, और अब बिज़नेस फ्रेंडली सरकार भी। हम चाहते हैं कि हर निवेशक को यहां सम्मान और सहयोग मिले। हमारा वादा है कि पंजाब में कारोबार करना अब बहुत आसान होगा।”






