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7 मिनट में लाखों की चोरी! फ्रांस के लूवर म्यूजियम में दिनदहाड़े डकैती, शाही गहनों की कीमत सुनकर होश उड़ जाएंगे

दुनिया के सबसे मशहूर और भीड़-भाड़ वाले म्यूजियम, लूवर (Louvre Museum) में हुई एक चौंकाने वाली चोरी ने पूरे फ्रांस को हैरान कर दिया है. पेरिस स्थित इस संग्रहालय में दिनदहाड़े हुई इस डकैती में चोरों ने शाही परिवार के बेशकीमती आभूषण उड़ा लिए, जिनकी अनुमानित कीमत 10.2 करोड़ डॉलर (करीब 8500 करोड़ रुपये) बताई जा रही है.

ये घटना रविवार की सुबह हुई, जब म्यूज़ियम के दरवाजे आम जनता के लिए खोले गए. महज 7 मिनट के भीतर चोरों ने अपना काम कर डाला और शाही आभूषण लेकर फरार हो गए.

कैसे हुई ये हाई-प्रोफाइल चोरी?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चोर एक ट्रक की मदद से लूवर म्यूजियम के दूसरी मंजिल पर पहुंचे. वहां एक खिड़की को काटकर उन्होंने अपोलो गैलरी में प्रवेश किया, जहां शाही आभूषणों का संग्रह रखा गया था. CCTV फुटेज और जांच रिपोर्ट्स के अनुसार ये चोर अच्छी प्लानिंग और टूल्स के साथ आए थे. इस पूरी घटना में उन्होंने कुल 8 बेशकीमती गहने चुराए. इनमें एक शाही नीलम हार, एक पन्ना हार, मिलते-जुलते झुमके और महारानी यूजनी द्वारा पहना गया एक हीरे जड़ा मुकुट भी शामिल है. एक चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि चोरों ने भागते समय एक मुकुट गिरा दिया, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे जल्दी में थे.

क्या चुराए गए गहनों को बेचा जा सकता है?

फ्रांस की मुख्य अभियोजक लॉरे बेक्वाउ ने बताया कि ये गहने सिर्फ कीमती नहीं, बल्कि देश की ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा हैं. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर चोर इन्हें पिघलाकर या अलग-अलग करके बेचने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें पूरी कीमत कभी नहीं मिलेगी.

इन दुर्लभ और अनोखे गहनों की पहचान करना आसान है, इसलिए इंटरनेशनल मार्केट में इन्हें बेचना भी बेहद मुश्किल होगा. हो सकता है कि चोर इन्हें अवैध बाजारों में बेचने की कोशिश करें, लेकिन खतरा भी उतना ही ज्यादा है.

क्यों नहीं थे ये गहने बीमा-युक्त?

आपको जानकर हैरानी होगी कि इन बेशकीमती शाही गहनों का कोई बीमा नहीं था. फ्रांस के संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, जब कोई कलाकृति अपनी मूल जगह पर रहती है, तो राज्य ही उसका बीमाकर्ता होता है. बीमा कराने की लागत बहुत ज्यादा होती है और दुर्घटना की संभावना बेहद कम मानी जाती है, इसी कारण बीमा नहीं कराया गया था.

जांच में जुटी 100 लोगों की टीम

शुरुआत में इस डकैती की जांच के लिए 60 अधिकारियों की टीम बनाई गई थी, जो अब बढ़कर 100 लोगों की हो गई है. पुलिस फिंगरप्रिंट्स, CCTV फुटेज और चोरों के भागने के रास्तों की बारीकी से जांच कर रही है.पेरिस से बाहर जाने वाले सभी रास्तों और हाइवे को खंगाला जा रहा है ताकि भागे हुए चोरों का कोई सुराग मिल सके.

क्या लूवर की सुरक्षा में थी चूक?

यह सवाल अब फ्रांस में ज़ोरों से उठ रहा है. पिछले महीने भी पेरिस के दो और संग्रहालयों में चोरी हो चुकी हैय ऐसे में लूवर जैसी जगह पर इतनी बड़ी डकैती ने संग्रहालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लूवर के निदेशक डेस कार्स को अब सीनेट की संस्कृति समिति के सामने पेश होना होगा, जहां उनसे सुरक्षा चूक को लेकर जवाब मांगा जाएगा.

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