रांची के हिंदपीढ़ी में बवाल करने वालों पर FIR, पुलिस और मेडिकल टीम का किया था विरोध

रांची। राजधानी में कोरोना संक्रमण का हॉट स्पॉट बने हिंदपीढ़ी में कानून-व्यवस्था हाथ में लेने वालों के खिलाफ देर से ही सही, पुलिस ने सख्ती दिखाई है। यहां पुलिसकर्मियों, सफाइकर्मियों से लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को निशाना बनाया गया। कोरोना पॉजिटिव मरीज को लाने के लिए स्वास्थ्य संबंधी जोखिम लेकर संक्रमित इलाके में गई टीम का कुछ सिरफिरे लोगों ने विरोध किया। अब ऐसे लोग पुलिस की कार्रवाई की जद में आ गए हैैं। इन्हें अब कोर्ट-कचहरी का चक्कर लगाने पड़ेंगे।
पुलिस ने अब सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। मंगलवार को पुलिस ने दो अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की। एक प्राथमिकी हिंदपीढ़ी के थर्ड स्ट्रीट माली टोला के पास बवाल काटने के मामले में दर्ज की गई है, जिसमें दोनों पक्ष के लोगों को आरोपित किया गया है। वहीं, दूसरी प्राथमिकी कोरोना संदिग्ध को लाने के लिए गई स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की टीम से उलझने वाले कोरोना संक्रमित सहित 500 से अधिक लोगों के खिलाफ है। उधर, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी विपदा की घड़ी में लोगों को अस्पताल तक पहुंचाने में जुटे स्वास्थ्य कर्मियों को बाधा पहुचाने के मामले को देशद्रोह सरीखा कदम बताया है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों को रोकना अपराध है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन को भी ऐसे लोगों पर सख्ती बरतने का आदेश दिया गया है। कोई बीमारी धर्म या जाति आधारित नहीं होती। स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी को सभी को माननी चाहिए। लोग स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मित्रवत व्यवहार करें और उनका सहयोग करें। उन्होंने कहा कि इस तरह का कृत्य करने वाला व्यक्ति अपने ऊपर अत्याचार करता है और आत्मघाती होता है। उन्होंने यह भी कहा कि कानून से ज्यादा लोगों में नैतिकता का बोध होना चाहिए। स्वास्थ्य कर्मी दुश्मन नहीं, बल्कि उनके लिए ही अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं।
दफनाने से रोकने वालों पर दर्ज हो चुकी है प्राथमिकी
रांची पुलिस कोरोना संक्रमित व्यक्ति को दफनाने से रोकने वालों पर भी प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है। एक प्राथमिकी रातू रोड कब्रिस्तान में दफनाने से रोकने वाले लोगों पर सुखदेव नगर थाने में दर्ज की गई है। दूसरी प्राथमिकी जुमार पुल के पास दफनाने से रोकने वालों पर खेलगांव थाने में दर्ज की गई है। पुलिस दोनों मामलों की जांच का रही है।
पुलिस पर पक्षपात का भी आरोप लगा
कुछ लोगों ने पुलिस पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का भी आरोप लगाया है। शव को दफनाने का विरोध बरियातू व डोरंडा थाना क्षेत्र में भी हुआ था। बताया गया कि वहां मृतक के समुदाय के लोगों ने ही दफनाने का विरोध किया था, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की। हालांकि, पुलिस की ओर से ऐसे आरोप को खारिज किया गया है।






