पाकिस्तान को मिली राहत! नई काबुल रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: TTP आतंकियों के हमले कम होने की उम्मीद
पाकिस्तान को तहरीक-ए-तालिबान के आतंकियों ने बड़ी राहत दी है. पिछले 4 दिन में टीटीपी के लड़ाकों ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर एक भी अटैक नहीं किया है. कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की सरकार ने टीटीपी के लड़ाकों के साथ समझौता कर लिया है. हालांकि, अब तक आधिकारिक तौर पर दोनों ही तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है.
अफगानिस्तान इंटरनेशनल के मुताबिक दोहा बैठक के बाद टीटीपी ने एक भी अटैक नहीं किया है. दोहा में तालिबान प्रशासित अफगानिस्तान और पाकिस्तान ने एक डील किया था. इस डील में कहा गया था कि दोनों तरफ से कोई हमला नहीं होगा.
टीटीपी क्यों नहीं कर रहा है अटैक?
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बयान जारी किया है. इमरान के मुताबिक पाकिस्तान की सरकार अब आतंकियों से भी बात कर रही है. रिपोर्ट के मुताबिक दोहा में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक समझौता हुआ है.
इस समझौते में कहा गया है कि अफगानिस्तान की धरती से कोई भी आतंकी गतिविधियां संचलित नहीं की जा सकती है. वर्तमान में टीटीपी के सरगना नूर वली महसूद अफगानिस्तान में ही रह रहा है. ऐसे में अगर टीटीपी हमला करता है तो पाकिस्तान अफगान पर अटैक कर सकता है.
हर दिन कर रहा था 3 से ज्यादा अटैक
पाकिस्तान के खैबर इलाके में टीटीपी के लड़ाके हर दिन 3 से ज्यादा अटैक कर रहा था. काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट पाकिस्तान के मुताबिक इस साल जुलाई तक 700 से ज्यादा हमले टीटीपी के लड़ाकों ने किए हैं. इन हमलों में 250 से ज्यादा जवानों की मौत हुई है.
तहरीक ए तालिबान के लड़ाके जिहाद की लड़ाई लड़ रहे हैं. इन लड़ाकों का कहना है कि पूरे पाकिस्तान में इस्लामी शासन लागू की जाए. टीटीपी लड़ाकों के निशाने पर पाकिस्तान आर्मी है.
यूएन के मुताबिक टीटीपी पाकिस्तान का सबसे मजबूत आतंकी संगठन है. इसके पास वर्तमान में 8000 लड़ाके हैं. टीटीपी के पास अफगानिस्तान में 2 ट्रेनिंग सेंटर भी है, जहां आतंकवादियों को ट्रेंड किया जाता है.
यूएन के मुताबिक टीटीपी वर्तमान समय में दुनिया का तीसरा सबसे खतरनाक आतंकी संगठन है.






