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पंजाब

“पंजाब में ‘वीजा स्कैम’ का भंडाफोड़! लाइसेंसी इमिग्रेशन सेंटर ने दर्जनों युवाओं को बनाया शिकार, लाखों की ठगी

अमृतसर: महानगर में विदेश भेजने के नाम पर ट्रैवल एजैंट की तरफ से दर्जनों युवाओं के साथ ठगी करने का एक और नया मामला सामने आया है। इसमें खास बात यह है कि जिस ट्रैवल एजैंट ने युवाओं के साथ ठगी की है, वह गैर-लाइसैंसी इमीग्रेशन सैंटर नहीं, बल्कि जिला प्रशासन अमृतसर की तरफ से जारी लाइसैंसी इमीग्रेशन सैंटर चल रहा था।

जानकारी के अनुसार अमृतसर जिले के अलग-अलग गांवो व कुछ अन्य जिलों से भी दर्जनों की संख्या में आए युवाओं ने ए.डी.सी. जनरल रोहित गुप्ता को लिखित रूप से शिकायत करके ट्रैवल एजैंट प्रभशरण सिंह रंधावा पर ठगी करने के आरोप लगाए हैं और अपने पैसे वापस लेने की मांग की है। मामले की जानकारी मिलने के बाद ए.डी.सी. की तरफ से एस.पी. हैड क्वार्टर और संबंधित पुलिस थाना को इस मामले की जांच करने के आदेश जारी कर दिए हैं और तुरंत प्रभाव से रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।

शिकायत में बताया गया है कि उक्त इमीग्रेशन सैंटर का मालिक रणजीत एवेन्यू में अपना सैंटर चला रहा था और विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए ऐंठ रहा था। दूसरी तरफ प्रभशरण सिंह रंधावा के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो फोन बंद आया। अमृतसर के पॉश क्षेत्र रणजीत एवेन्यू की बात करें तो यहां पर दर्जनों की संख्या में इमीग्रेशन सेंटर चल रहे हैं, लेकिन एक किसी लाइसेंस धारी केंद्र की तरफ से कभी युवाओं के साथ भी देश भेजने के नाम पर ठगी नहीं हुई है। आम तौर पर फर्जी ट्रैवल एजैंट युवाओं को विदेश भेजने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं और लाखों रुपए ठगते हैं।

प्रशासन के पास 500 से ज्यादा लाइसैंसी इमीग्रेशन सैंटरों की लिस्ट

युवाओं को पढ़ाई करने के लिए या विदेश में काम करने के लिए विदेश भेजने वाले ट्रैवल एजैंटों की बात करें तो अमृतसर जिला प्रशासन के पास ऐसे 500 से ज्यादा लाइसैंसी ट्रैवल एजैंटों की लिस्ट है, जिनको ए.डी.सी. जनरल दफ्तर की तरफ से एक लंबी चौड़ी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद लाइसैंस जारी किया जाता है। इन लाइसैंसी इमीग्रेशन सैंटरों और ट्रैवल एजैंटों के नाम बकायदा जिला प्रशासन की ट्रैवल एजैंसी वाली वेबसाइट में भी दर्शाए गए हैं। इस वेबसाइट पर जाकर कोई भी व्यक्ति यह जान सकता है कि वह जिस ट्रैवल एजैंट के पास गया है, उसके पास सरकार की तरफ से जारी लाइसैंस है या नहीं है।

क्या है इमीग्रेशन सैंटर का लाइसैंस लेने की कानूनी प्रक्रिया

इमीग्रेशन सैंटर या ट्रैवल एजैंसी का लाइसैंस लेने के लिए डी.सी. दफ्तर में ए.डी.सी. जनरल दफ्तर को लाइसैंसिंग अथॉरिटी बनाया गया है। इसमें सबसे पहले लाइसैंस का आवेदन देने वाले व्यक्ति को अपने सैंटर वाले स्थान की रजिस्ट्री, यदि वह किराए पर रहता है तो किराएनामा जो बाकायदा रजिस्टर्ड होना चाहिए। इसके अलावा पैन कार्ड, आधार कार्ड व अन्य जरूरी दस्तावेज आवेदन फार्म के साथ लगाकर ही अप्लाई किया जा सकता है। इसके तहत पुलिस को भी शामिल किया गया है। पुलिस की तरफ से एन.ओ.सी. मिलने के बाद ही ए.डी.सी. दफ्तर की तरफ से लाइसैंस शुरू करने की प्रक्रिया शुरू की जाती है, जिसमें एस.डी.एम., तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी से भी रिपोर्ट मंगवाई जाती है। पुलिस और सिविल प्रशासन की तरफ से दोहरी रिपोर्ट मिलने के बाद ही लाइसैंसिंग अथॉरिटी ए.डी.सी. की तरफ से लाइसैंस जारी किया जाता है, इसमें कम से कम 90 दिन की प्रक्रिया होती है।

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