समूचे झारखंड पर अकेले भारी पड़ रहा रांची का मुस्लिम बहुल इलाका ‘हिंदपीढ़ी’, जानें क्यों?

रांची। Coronavirus Jharkhand News Update झारखंड की राजधानी रांची का मुस्लिम बहुल इलाका हिंदपीढ़ी अकेले पूरे राज्य पर भारी पड़ रहा है। कोरोना मरीजों के मामले में जहां अब तक झारखंड के कुल 27 संक्रमित मरीजों में से अकेले 13 पॉजिटिव केस यहीं से सामने आए हैं। वहीं संकट की इस घड़ी में लॉक डाउन को अंगूठा दिखाने, सरकारी आदेश न मानने, कोरोना मरीज को जबरन रोके रखने, कोरोना की जांच न कराने, सफाईकर्मियों पर थूकने और पुलिस को खदेड़ने जैसे कई मामले हिंदपीढ़ी को चर्चा के केंद्र में बनाए हुए है। राज्य का पहला कोरोना मरीज भी हिंदपीढ़ी में मिला था, जहां बड़ी मस्जिद से पकड़ी गई मलेशिया की विदेशी तब्लीगी जमाती महिला कोरोना संक्रमित पाई गई थी।
वर्तमान में कोरोना वायरस का हॉट स्पाॅट बन गया है। कोरोना मरीजों की जांच में सहयोग नहीं करने, थूकने और पुलिस व मेडिकल टीम के साथ दुर्व्यवहार के कारण पुलिस को सख्त कदम उठाना पड़ा है। लाॅकडाउन 3 मई तक बढ़ाए जाने की घोषणा के बाद पुलिस भी और ज्यादा कड़ाई कर रही है। बुधवार को कई पुलिस अधिकारी हिंदपीढ़ी इलाका में पहुंचे और लॉकडाउन का जायजा लिया। ट्रैफिक एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग, सिटी एसपी सौरभ, कोतवाली डीएसपी अजित कुमार विमल सहित अन्य अधिकारियों ने इलाके का घूम-घूम कर जायजा लिया। हिंदपीढ़ी इलाके में कई समाजसेवी और वोलेंटियर्स भी मौजूद हैं। लॉकडाउन फेज 2 को सख्ती से लागू करवाया जा रहा है। लॉकडाउन के दौरान हिंदपीढ़ी इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिस तैनात है। सुबह से ही 14 पीसीआर, 14 हाइवे पेट्रोलिंग सहित कई जवान फ्लैगमार्च कर रहे हैं।
बता दें कि सोमवार रात को कोरोना वायरस के तीन नए मरीज पाए जाने के बाद पुलिस इलाके में गई थी। मरीजों को रिम्स के आइसोलेशन सेंटर ले जाना था। लेकिन इलाके के लोगों ने पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया और काफी हंगामा किया। यहां तक कि पुलिस को खदेड़ दिया। पुलिस को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। स्थानीय लोगों के सहयोग नहीं करने के कारण हिंदपीढ़ी में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं.
अब तक रांची में मिले सभी 13 मरीज हिंदपीढ़ी से ही पाए गए हैं। सोमवार की देर रात कोरोना पॉजिटिव मरीज को राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के कोविड-19 वार्ड में भर्ती करने को लेने गई टीम पर पथराव किया गया। एंबुलेंस में तोडफ़ोड़ की गई। लोग पुलिसकर्मियों पर हमला करने को उतारू थे। पुलिस व मेडिकल की टीम को वहां से जान बचाकर भागना पड़ा।
बताया जाता है कि इलाके के जमील खान और शादाब खान पर भीड़ को उकसाने का आरोप है। इस कारण ही वहां बवाल बढ़ता रहता है। इन दोंनों पर भीड़ को उकसाने का केस भी दर्ज हुआ है। फिलहाल दोनों फरार हैं। करीब बारह दिन पहले कोरोना वायरस के संक्रमण की स्क्रीनिंग करने के लिए हिंदपीढ़ी गई टीम से धक्कामुक्की कर उनकी फाइलें फाड़ दी गई थीं। फिर सफाईकर्मियों पर थूकने का आरोप भी हिंदपीढ़ी में रहने वाले लोगों पर लगाया गया था।
पांच घंटे की मशक्कत के बाद रिम्स ले जाए गए थे दो कोरोना संक्रमित मरीज
दो कोरोना पॉजिटिव मरीजों को लेने कुर्बान चौक गई मेडिकल टीम और पुलिसकर्मियों पर पथराव, एंबुलेंस में तोडफ़ोड़ के बाद वे वहां से जान बचाकर भाग निकले। इसके बाद रांची के एसएसपी अनीश गुप्ता ने खुद मोर्चा संभाला। हिंदपीढ़ी के गण्यमान्य लोगों के साथ बैठक कर विरोध करने वालों को समझाया बुझाया गया। पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लोग राजी हुए। इसके बाद मंगलवार की सुबह पांच बजे कोरोना वायरस से संक्रमित शेष बचे दोनों नए मरीजों रिम्स के ट्रॉमा सेंटर स्थित कोविड-19 वार्ड ले जाकर भर्ती कराया जा सका। दोनों संक्रमित मरीजों के करीब 24 परिजनों को रिम्स के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया।
कुर्बान चौक पर किया पथराव, एंबुलेंस में तोड़फोड़
मंटू चौक के पास हंगामे के बाद पुलिस-प्रशासन और मेडिकल की टीम जब दो कोरोना पॉजिटिव मरीजों को लेने कुर्बान चौक पहुंची, तो वहां भी हंगामा करते हुए पुलिस पर पथराव किया। साथ ही, एंबुलेंस में तोडफ़ोड़ की। इस दौरान मरीज को नहीं ले जाने दिया गया। वहां करीब 200 अज्ञात लोगों की भीड़ हंगामा कर रही थी। दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि लोगों द्वारा लॉकडाउन का उल्लंघन किया गया। पुलिस टीम पर ईंट पत्थर से हमला किया गया।






