पंजाब पुलिस के हाथ लगी बड़ी सफलता, 2 ड्रग सप्लाई मॉड्यूलों का किया पर्दाफाश
जालंधर/चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों के तहत पंजाब को नशामुक्त राज्य बनाने के लिए चल रही मुहिम के दौरान, गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट ने पाकिस्तान-आधारित तस्करों से जुड़े दो ड्रग सप्लाई मॉड्यूलों के दो मुख्य संचालकों को 2.815 किलोग्राम मेथामफेटामिन (‘आईस’) के साथ गिरफ्तार किया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डी.जी.पी.) गौरव यादव ने दी।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान गुरसेवक सिंह उर्फ सेवक निवासी गांव घरियाला, जिला तरन तारन और बलजीत सिंह निवासी गुरु नानकपुरा, अमृतसर के रूप में हुई है। गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी वर्चुअल नंबरों के माध्यम से पाकिस्तान-आधारित हैंडलरों से संपर्क में थे और पंजाब में नशीले पदार्थों की खेप प्राप्त एवं सप्लाई करते थे। वे शक से बचने के लिए अक्सर धार्मिक स्थलों के पास डिलीवरी प्वाइंट का चयन करते थे।
गौरव यादव ने कहा कि इस मामले की आगे की जांच जारी है ताकि इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके और पूरे नैटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। इन अभियानों के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पहले मामले में, पुलिस ने विशेष गुप्त सूचना के आधार पर अमृतसर की दाना मंडी के पास नाका लगाया और आरोपी गुरसेवक सिंह उर्फ सेवक को 40 ग्राम मेथामफेटामिन सहित गिरफ्तार किया।
उन्होंने बताया कि आरोपी के खुलासे के आधार पर एक फलो-अप ऑप्रेशन चलाया गया जिसके नतीजे स्वरूप 1.96 किलोग्राम और ‘आईस’ ड्रग बरामद की गई। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी गुरसेवक, जो सीमावर्ती क्षेत्र का निवासी है, वर्चुअल प्लेटफार्मों के माध्यम से पाकिस्तान स्थित तस्करों से लगातार संपर्क में था और अपने हैंडलर के निर्देशों के अनुसार खुद ही खेपें प्राप्त और डिलीवर करता था।






