पदयात्रा के बाद बाबा बागेश्वर पहुंचे अपने धाम, बाला जी के सामने हुए दंडवत
छतरपुर: देश के जाने-माने कथा वाचक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री अपनी 150 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी कर बागेश्वर धाम लौट आए हैं. बागेश्वर धाम पहुंचने पर उनका धमाकेदार स्वागत किया गया. इस दौरान हजारों भक्तों ने ढोल, नगाड़े बजाया और पुष्प वर्षा की.
भक्तों ने पुष्प वर्षा कर किया स्वागत
बागेश्वर महाराज ने 7 नवंबर को सनातन एकता पदयात्रा की शुरुआत की थी. उन्होंने 7 नवंबर से 16 नवंबर तक 150 किलोमीटर की पदयात्रा की. धीरेन्द्र शास्त्री अपनी पदयात्रा कर वापस धाम लौट आए हैं, धाम की सीमा में जैसे ही बाबा ने अपने कदम रखे तो भक्तों ने पुष्प वर्षा और डीजे, ढोल-नगाड़ों के साथ धमाकेदार स्वागत किया. इस पदयात्रा में लाखों श्रद्धालु भी पहुंचे थे, प्रदेश के सीएम डॉक्टर मोहन यादव भी अंतिम दिवस की सनातन एकता पदयात्रा में शामिल हुए थे.
सनातन एकता पदयात्रा में शामिल हुए लाखों भक्त
150 किलोमीटर की पदयात्रा बिना किसी विघ्न के संपन्न हुई. इस यात्रा में बागेश्वर धाम के साथ लाखों की संख्या में भक्त साथ चलते रहे. सोमवार को बाबा बागेश्वर महाराज सड़क मार्ग से बागेश्वर धाम पहुंचे, जहां उनका धाम पर अभूतपूर्व स्वागत किया गया. छतरपुर के बागेश्वर धाम से 5 किलोमीटर पहले राष्ट्रीय राजमार्ग पर सैकड़ों श्रद्धालु बाबा के दर्शन और स्वागत के लिए खड़े थे.
इन 7 संकल्पों को लेकर यात्रा
बाबा बागेश्वर ने सात संकल्प को लेकर यात्रा की शुरुआत की थी. पहला भारत देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करना, संवाद और चिंतन से सामाजिक परिवर्तन, समाज से भेदभाव समाप्त करना, ब्रजभूमि के प्राचीन स्वरूप की वापसी, ब्रज के मंदिर सुरक्षित रहें, अवैध धर्मांतरण पर लगाम, गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा, यमुना नदी को स्वच्छ बनाना, नदी के जल को निर्मल बनाने का संकल्प शामिल है.
बाबा बागेश्वर के सेवादार नितेन्द्र चौबे ने बताया कि “गुरुदेव की यात्रा का समापन हो चुका है, महाराज जी धाम पर पहुंच चुके हैं. महाराज के दर्शन के लिए भक्तों का तांता धाम पर लगा रहा. सबसे पहले महाराज ने दादा गुरु और बाला जी का आशीर्वाद लिया और भक्तों को दर्शन देकर आशीर्वाद दिया.”






