ब्रेकिंग
Raxaul News: भारत-नेपाल सीमा पर संदिग्ध चीनी नागरिक गिरफ्तार, ई-रिक्शा से जा रहा था नेपाल, SSB ने दब... Telangana POCSO Case: पॉक्सो मामले में बंदी भगीरथ को झटका, हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद किया स... Bengal Politics: सॉल्ट लेक में टीएमसी दफ्तर से बरामद हुए कई आधार कार्ड, बीजेपी के ताला खोलने के बाद ... Ulhasnagar Crime News: उल्हासनगर में इंसानियत शर्मसार! मंदिर प्रवेश विवाद में महिलाओं के बाल काटे, च... Samba Narco Demolition: सांबा में ड्रग तस्करों के 'नार्को महलों' पर चला बुलडोजर, 60 करोड़ की 50 कनाल... Delhi Startup Scheme: दिल्ली में महिलाओं को स्टार्टअप के लिए मिलेगा ₹10 करोड़ का बिना गारंटी लोन, सी... Bharatmala Expressway Accident: बालोतरा में भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर पलटी स्कॉर्पियो, गुजरात के 3 श्... केरल शपथ ग्रहण: सीएम वी डी सतीशन के साथ 20 मंत्री भी लेंगे शपथ; राहुल, प्रियंका और खरगे रहेंगे मौजूद CBSE 12th Result: सीबीएसई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद पर शिक्षा सचिव संजय कुमार का बड़ा बयान, फी... Jamui Viral News: जमुई में बुढ़ापे के अकेलेपन से तंग आकर 65 के बुजुर्ग और 62 की महिला ने मंदिर में र...
छत्तीसगढ़

फर्जी APK फाइल से मोबाइल हैक कर धोखाधड़ी, सभी आरोपी 12वीं पास, कोई सेल्समैन तो कोई मोबाइल दुकान ओनर

रायपुर: रायपुर की साइबर पुलिस ने फर्जी APK फाइल के जरिए मोबाइल हैककर धोखाधड़ी करने वाले 6 अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को सोमवार को गिरफ्तार किया. पकड़े गए साइबर आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से एपीके फाइल की बिक्री करते थे. आरोपियों को रायपुर की साइबर पुलिस ने दिल्ली, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया है.

रायपुर रेंज के IG अमरेश मिश्रा ने बताया कि वॉट्सएप में फर्जी APK फाइल भेजकर पहले वे मोबाइल हैककर साइबर फ्रॉड को अंजाम देते थे. साइबर आरोपी धोखाधड़ी के लिए फर्जी RTOechallan.apk, PMkisanyojna.apk फाइल बनाते थे. गिरफ्तार आरोपी RTO E-चालान, इंश्योरेंस, PM किसान योजना, सभी बड़े बैंक, आयुष्मान कार्ड, PM आवास योजना नाम से फर्जी .APK बनाए जाने के साक्ष्य मिले हैं.

गिरफ्तार आरोपियों के नाम: सौरभ कुमार चौधरी, आलोक सिंह, धरमजीत सिंह, चांद बाबू उर्फ चांद, मरूफ सिद्दीकी, मोहम्मद इरफान है. ये 6 आरोपी मिलकर सायफर फ्रॉड करते थे. सभी आरोपी 12वीं पास है.

  • सौरभ कुमार ड्राइफ्रूट सेल्समैन का काम करता था. बिहार के बांका जिला
  • आलोक कुमार बिहार के अलवर का रहने वाला. सेल्समैन का काम करता था
  • चांद बाबू शिवपुरी मध्य प्रदेश का रहने वाला. ठगी के कई मामलों में पहले से सक्रिय
  • धरमजीत सिंह लोनावला महाराष्ट्र का रहने वाला. मुख्य रूप से हैकर था.
  • मोहम्मद इरफान आसनसोल पश्चिम बंगाल, मोबाइल दुकान संचालक
  • मारूफ सिद्दीकी ठाणे महाराष्ट्र पैकर्स एंड मूवर्स का काम

ऐसे करते थे सायबर फ्रॉड: आरोपी धर्मजीत सिंह फर्जी APK (एंड्रॉइड पैकेज किट) को मैलिशियस कोड एम्बेड कर मोबाइल हैक करने के लिए बनाया. जिसमें साइबर ठग नकली एंड्रॉइड ऐप का उपयोग करके लोगों की व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी चुराते थे. ये ऐप्स अक्सर विश्वसनीय संस्थानों जैसे सरकारी योजनाओं, बैंकों या बिजली बोर्डों के आधिकारिक ऐप के रूप में बनाये जाते थे.

सोशल मीडिया के जरिए एपीके फाइल की बिक्री: फर्जी एपीके फाइल तैयार हो जाने के बाद आरोपी धर्मजीत व्हाट्सअप और टेलीग्राम ग्रुप में लगभग 500 से ज्यादा लोगों को जोड़कर फर्जी एपीके फाइल बेचने अलग अलग तरीकों का उपयोग करता था. इन ग्रुप के जरिए हैकर विश्वसनीय संस्थानों जैसे सरकारी बैंक या सरकारी योजनाओं, बिजली बोर्डों के आधिकारिक ऐप के रूप में whatsapp ग्रुप में भेजते थे. जिसे क्लिक करने से फर्जी एपीके फाइल डाउनलोड हो जाती है और इसे इन्स्टॉल करते ही मोबाइल हैक हो जाता है.

जिसके बाद मोबाइल की सभी जानकारी और कंट्रोल हैकर के पास चली जाती है. मोबाइल का कंट्रोल मिलते ही हैकर पीड़ित के मोबाइल में दर्ज बैंकिंग जानकारी को हासिल कर राशि आसानी से अपने एकाउंट में ट्रांसफर कर लेते थे. इसके आतिरिक्त पीड़ित के कॉन्टेक्ट लिस्ट से सभी को फर्जी APK डाउनलोड करने सम्बन्धी मैसेज चला जाता है. जिससे अन्य लोग भी इसके शिकार होकर बड़ी राशि गवां देते हैं.

फंड फ्लो: साइबर आरोपी सौरभ कुमार और आलोक मोबाइल हैक करने के बाद राशि को म्युल एकाउंट्स में लेते थे. चांद मोहमद के माध्यम से इरफान अंसारी आसनसोल और मारूफ सिद्दीकी ठाणे के पास भेजकर राशि लिया जाता था.

हाल ही में दर्ज किए अपराध: आरोपियों ने पीड़िता अर्चना भदौरिया के WhatsApp में RTOechallan.apk फाइल और पीड़ित महेश कुमार साहू के WhatsApp में PMkisanyojna.apk फाइल भेजा था, जिसे क्लिक करने से मोबाइल हैक कर दोनों पीड़ितों के खाते से 5 लाख 12 हजार रुपए एवं 12 लाख की धोखाधड़ी की गई थी. रिपोर्ट पर थाना टिकरापारा और थाना राखी में मामला दर्ज किया गया था.

रायपुर पुलिस की जनता से अपील: मोबाइल पर आये किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें न ही उसको डाउनलोड या इनस्टॉल करें. मोबाइल पर एंटीवायरस का इस्तेमाल करें. एप्लीकेशन को केवल गूगल प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें. ऐप अनुमतियों की जांच करें. किसी भी ऐप को इंस्टॉल करते समय, ध्यान दें कि वह कौन सी अनुमतियां मांग रहा है. यदि कोई ऐप अनावश्यक अनुमतियां मांगता है, तो उसे इंस्टॉल न करें. एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर का उपयोग करें. अपने डिवाइस पर एक प्रतिष्ठित एंटीवायरस ऐप इंस्टॉल करें जो संदिग्ध फाइलों और ऐप्स का पता लगा सके और उन्हें ब्लॉक कर सके. यदि किसी का मोबाइल हैक हो जाये तो तत्काल अपने सिम को मोबाइल से निकल दे और मोबाइल को फ्लाइट मोड पर करे दें. धोखाधड़ी की रिपोर्ट करें. यदि आप एपीके धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930/cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें.

Related Articles

Back to top button