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उत्तरप्रदेश

अयोध्या राम मंदिर के लिए तैयार ध्वज क्यों भेजे गए वापस? सामने आई चौंकाने वाली वजह, क्या है ध्वज वापसी का राज?

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम की तैयारियां तेज़ी से जारी हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 25 नवंबर को प्रस्तावित ध्वजारोहण और पूर्णाहुति समारोह की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने जानकारी दी कि ध्वजारोहण के लिए शुभ मुहूर्त 25 नवंबर को सुबह 11:58 बजे से दोपहर 1:00 बजे के बीच तय किया गया है. इसी तिथि के अनुसार सभी तैयारियों की जा रही हैं.

राम मंदिर के लिए तैयार किए गए ध्वजों को वापस किए जाने की जानकारी सामने आई है. सूत्रों के अनुसार, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से हाल ही में अयोध्या लाए गए उन तीन विशेष ध्वजों को लौटाया गया है, जिन्हें मंदिर के शिखर पर फहराया जाना था. बताया गया है कि ध्वजारोहण के ट्रायल के दौरान ध्वज का वजन अधिक पाया गया, जिसके कारण हवा में फहराने में बाधा आ रही थी. इस वजह से ध्वजारोहण की जिम्मेदारी संभाल रहे लोगों ने इन ध्वजों के निर्माणकर्ताओं को वजन कम करने और आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए हैं.

अहमदाबाद सहित देश के कई अन्य हिस्सों में तैयार किए जा रहे ध्वजों को अब संशोधन के लिए फिर से भेजा गया है. ट्रस्ट चाहता है कि 25 नवंबर से पहले सुधारे गए ध्वज वापस अयोध्या पहुंच जाएं, ताकि दोबारा ट्रायल कर यह सुनिश्चित किया जा सके कि ध्वजारोहण के दिन किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो.

अयोध्या में चार घंटे रहेंगे प्रधानमंत्री मोदी

नृपेंद्र मिश्र के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या धाम में लगभग चार घंटे तक प्रवास करेंगे. इस दौरान उनका कार्यक्रम बेहद विशेष और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण रहेगा. प्रधानमंत्री सबसे पहले सप्त ऋषियों के मंदिर में दर्शन और प्रार्थना करेंगे. उन्होंने आग्रह किया है कि प्रार्थना के समय सभी वैदिक आचार्य अनिवार्य रूप से मौजूद रहें.

इसके बाद प्रधानमंत्री शेषावतार मंदिर जाएंगे और फिर मुख्य मंदिर परिसर के कार्यक्रम में भाग लेंगे. ध्वजारोहण उनके संबोधन से पहले आयोजित होगा. ध्वजारोहण का मॉक ड्रिल पहले ही किया जा चुका है, जिसमें शिखर पर लगाए जाने वाले ध्वज की लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई और उसकी हवा में लहराहट का परीक्षण किया गया. आज एक और मॉक ड्रिल प्रस्तावित है, और संकेत हैं कि एक ट्रायल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में भी किया जाएगा.

7000 लोगों को निमंत्रण

नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि 25 नवंबर के कार्यक्रम में करीब 7000 आमंत्रित अतिथि शामिल होंगे. अतिथियों की पुलिस विभाग द्वारा की जाने वाली प्रारंभिक सुरक्षा जांच अब पूरी हो चुकी है. कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है और वे स्वयं मुख्यमंत्री के साथ रहकर उनके निर्देशों का पालन कर रहे हैं. कल की बैठक में मुख्य रूप से कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा हुई, साथ ही ध्वज ट्रायल में शामिल टीम के साथ भी बैठक की गई. आज फिर से पूरा मॉक ड्रिल देखा जाएगा ताकि 25 नवंबर का यह पवित्र आयोजन बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके.

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