देश में कोरोना के 17265 मरीज, अब तक 543 की मौत…गोवा-मणिपुर ने जीती Covid-19 से जंग

देश में कोरोना वायरस के रोजाना नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की तादाद 17 हजार के पार कर गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि इनमें 2546 लोग अब तक स्वस्थ हो चुके हैं। देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 17265 हो गई है। देश में कुल मौतों का आंकड़ा 543 हो गया है। बता दें कि Covid-19 के पिछले 24 घंटों में 110 नए मामलों के बाद रविवार को दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या दो हजार को पार कर गई तथा इस दौरान दो संक्रमण पीड़ितों की मौत से मृतकों की संख्या 45 पर पंहुच गई। राजधानी में 110 नये मामलों के बाद कुल संक्रमितों की बढ़कर संख्या 2003 हो गई है। पिछले दो दिनों से मरीजों की संख्या बढ़ने से सरकार की चिंता भी बढ़ गई है।
कोरोना वायरस से मुक्त हुआ मणिपुर : बिरेन सिंह
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन.बिरेन सिंह ने घोषणा करते हुए कहा कि मणिपुर जानलेवा कोरोना वायरस Covid-19 से पूरी तरह से मुक्त हो गया है। बिरेन ने रविवार को ट्वीट कर कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित दो मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो गए हैं और उनकी फिर से की गई जांच रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है। राज्य में कोरोना का कोई ताजा मामला नहीं है और ऐसा राज्य के लोगों की समर्थन तथा स्वास्थ्य कर्मियों और प्रशासन द्वारा लॉकडाउन के कड़े पालन से संभव हो सका है।
मणिपुर के कोरोना संक्रमित के दूसरे मरीज की टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की है। दूसरे मरीज की जांच रिपोर्ट पुख्ता करने के लिए वीआरडीएल और आरआईएमएस तथा जेएनआईएमएस में भी जांच कराई गई और हर बार रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद मरीज को छुट्टी दी गई। यह मरीज दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज कार्यक्रम में शामिल हुआ था। राज्य में सबसे पहले कोरोना मरीज को 12 अप्रैल को ही ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गयी थी। राज्य सरकार का मंत्रिमंडल सोमवार को राज्य की स्थिति की समीक्षा को लेकर आगे की योजना पर चर्चा करेगा।
गोवा कोरोना मुक्त
वहीं गोवा जैसा राज्य रविवार को इस वायरस से पूरी तरह उबर आया और अब आधिकारिक रूप से कोरोना मुक्त हो चुका है। राज्य के सातों मरीज पूरी तरह ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं और यहां 3 अप्रैल के बाद से कोरोना का कोई मामला सामने भी नहीं आया है। यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी है क्योंकि राज्य में विदेशी टूरिस्ट्स का फुटफॉल बहुत ज्यादा रहता। स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने बताया कि जब देश में कोरोना के अलग-अलग राज्यों में एक-दो मामले मिलना शुरू हुए थे तभी हम अलर्ट हो गए थे।
कर्नाटक, महाराष्ट्र और केरल में कोरोना के केस मिलते ही हमने राज्य के बॉर्डर्स को सील कर दिया था। इसके अलावा हमने आम लोगों और डॉक्टरों के बीच संपर्क को कम करना शुरू कर दिया क्योंकि हम सबसे पहले अपने फ्रंटलाइन वॉरियर्स डॉक्टर्स को पूरी तरह सुरक्षित करना चाहते थे। इसके लिए हमने ओपीडी बंद कर दीं और सिर्फ इमरजेंसी चिकित्सा सेवा जारी रखी।






