PM बोले- कोरोना धर्म और जाति नहीं देखता, मोदी ने vowels-a, e, i, o, u से दिया नया मैसेज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के चलते देशभर में 3 मई तक लॉकडाउन किया हुआ हैं। वहीं कोरोना से उत्पन्न विकट और बदली परिस्थितियों में देशवासियों विशेष रूप से युवाओं को संबोधित करते हुए उनसे नए बिजनेस माॅडल और कार्य संस्कृति को अपनाने को कहा है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए एकता और भाईचारे की जरूरत है। पीएम मोदी ने अपने लिंक्डइन पोस्ट में कहा कि मुश्किल वक्त में हम सबको साथ मिलकर इस चुनौती से निपटने की जरूरत है। पीएम मोदी ने लिखा कि कोरोनावायरस ने पेशेवर लाइफ पूरी तरह से बदल दिया है। हमारा घर ही हमारा ऑफिस बन गया है, इंटरनेट हमारा नया मीटिंग रूम है। कुछ समय के लिए ऑफिस के सहयोगियों के साथ ब्रेक लेना इतिहास बन गया है।
पीएम मोदी ने लिंक्डइन पर लिखा
मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म लिंक्डइन पर अपना एक लेख साझा करते हुए बताया कि वह खुद इन बदली परिस्थितियों में किस तरह से काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अंग्रेजी वर्णमाला के पांच स्वर अक्षरों ए, ई, आई, ओ और यू से बने पांच शब्दों एडेप्टेबिलिटी यानी अनुकूलता, एफिशिएंसी यानी दक्षता, इन्क्लूजिविटी यानी समावेशिता, अपॉर्च्युनिटी यानी मौका और यूनिवर्सलिजम यानी सार्वभौमिकता के जरिए नई कार्य संस्कृति और बिजनेस माडल को अपनाने की बात कही है।
a,e,i,o,u का समझाया मतलब
A (Adaptability)- अडेप्टेबिलिटी की व्याख्या करते हुए पीएम ने कहा कि हमें ऐसे मॉडल अपनाने चाहिए जो इस समय के अनुकूल हैं इसके लिए उन्होंने डिजिटल भुगतान और टेलीमेडिसिन का उदाहरण दिया है। इन दोनों ही मॉडल में आप को कहीं जाने की जरूरत नहीं होती और आप घर से ही इनके माध्यम से काम कर सकते हैं।
E (Efficiency)-दक्षता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा है कि इसमें हमारी कोशिश निर्धारित समय में काम को पूरा करने पर जोर देने की होनी चाहिए। इससे उत्पादकता बढाने में मदद मिलेगी।
I -का जिक्र करते हुए उन्होंने ऐसे मॉडल विकसित करने की अपील की है जिसमें समाज के सभी वर्गों विशेष रूप से गरीब और वंचित लोगों का कल्याण संभव हो।
चौथे स्वर O का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे हिन्दी में बना शब्द मौका हमें किसी भी परिस्थिति को अपने अनुकूल ढालने या उसका फायदा उठाने के बारे में बताता है। यह बताता है कि मुसीबत के समय में भी हम अपनी क्षमता का इस्तेमाल करते हुए किस तरह से काम करें कि हमें हानि के बजाय लाभ हो।
पांचवें स्वर U से बने शब्द सार्वभौमिकता की व्याख्या करते हुए पीएम कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से पहले व्यक्ति की जाति या धर्म या भाषा नहीं देखता। सारी दुनिया इसकी चपेट में है तो इससे निपटने के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे और मिलकर इसका सामना करना होगा। सभी को एकता और सद्भावना का परिचय देना होगा।
प्रधानमंत्री ने लिखा कि कोरोना महामारी के कारण मौजूदा दौर उथल-पुथल भरा है और इससे लोगों का जीवन और उनकी कार्यशैली बदल गयी है। वह खुद भी इस बदलाव से गुजर रहे हैं और अपने आप को इसमें ढाल रहे हैं। उन्होंने लोगों से कहा है कि वे भी इस नई परिस्थिति के अनुरूप अपने आप को ढालें तथा कोरोना महामारी के बाद की स्थिति के लिए भी तैयार करें।






