ब्रेकिंग
Bhopal News: सीएम मोहन यादव का अनूठा अंदाज, मंडला दौरे पर स्कूल बच्चों के बीच पहुंचे और की आत्मीय बा... MP Crime News: सीमेंट कंटेनर में छुपकर लाई जा रही थी अंग्रेजी शराब, राजस्थान का तस्कर गिरफ्तार MP BJP Update: मंत्री नागर सिंह चौहान और संपतिया उइके विवाद पर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का बड़ा... MP Politics: मुख्यमंत्री पद, बंगला और ट्रांसफर-पोस्टिंग... जानिए कांग्रेस सरकार गिरने के पीछे की अंद... Bhopal News: सीएम मोहन यादव की अपील, 'एशिया के सबसे बड़े कान्हा नेशनल पार्क जरूर आएं पर्यटक' Dantewada Accident Update: तीरथगढ़ जा रही मिनी बस दुर्घटनाग्रस्त, जिला अस्पताल में घायलों का इलाज जा... Chhattisgarh News: रेलवे सुरक्षा बल ने मनाया स्थापना दिवस, ड्रोन और आधुनिक तकनीक से यात्रियों की सुर... Palamu News: दुर्गा पूजा पर पलामू प्रमंडल में हाई अलर्ट, पलामू, गढ़वा और लातेहार में सुरक्षा के कड़े... Manoj Tiwari in Giridih: यूजीसी और प्रोटेस्ट के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा, कहा- युवाओं को बहका रहे है... Ranchi News: बाबूलाल मरांडी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- देश में अराजकता फैलाना चाहती है कांग्रेस
छत्तीसगढ़

अधर में पीएम आवास योजना, कोरबा में सैकडों मकान अब भी खाली, लोग नहीं ले रहे दिलचस्पी

कोरबा: जिले में गरीबों को पक्का मकान देने वाली महत्वकांक्षी योजना की परिकल्पना पूरी नहीं हो पा रही है. नगर पालिक निगम के तहत आने वाले 5 से 6 स्लम बस्तियों के लोगों को विस्थापित कर एक सर्वसुविधायुक्त कॉलोनी में शिफ्ट करने की योजना अभी भी अधूरी है. हालांकि भवन निर्माण को आधा दशक बीत चुका है.

आधे मकान खाली: निगम क्षेत्र के दादर में ही 130 करोड़ की लागत से 2784 पीएम आवास का निर्माण किया है. जहां के मकान लोगों को आवंटित तो हुए, लेकिन यहां रहने कोई नहीं आया है. आधे मकान खाली पड़े हैं, जो अब जर्जर होने की ओर भी आगे बढ़ रहे हैं. इसी तरह कॉर्पोरेशन (जमनीपानी साडा कॉलोनी) के मकान भी जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं. यहां तो खिड़की दरवाजे भी चोरी हो रहे हैं.

लोगों की दिलचस्पी नहीं: डीएमएफ फंड से नए सिरे से कॉर्पोरेशन के मकानों में बाउंड्री वॉल और खिड़की दरवाजे लगाए जा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि काम पूर्ण हो जाने के बाद इसका नए सिरे से आवंटन किया जाएगा. इसके अलावा भी मकानों के आवंटन के लिए लगातार विज्ञापन निकले जा रहे हैं. लेकिन लोग दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं.

स्लम बस्तियों के लिए थी दादर की परियोजना: नगर पालिक निगम कोरबा का क्षेत्रफल 215 वर्ग किलोमीटर है. यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा नगर पालिक निगम है. यहां अधिसूचित मलिन बस्तियों की संख्या 62, जबकि अघोषित मलिन बस्तियों की संख्या 41 है. जबकि स्लम बस्तियों की आबादी 46 फीसदी है. निगम के कई इलाके ऐसे हैं, जहां पक्का मकान तो दूर मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं है.

पैसे नहीं मिलने से अटकी योजना: दादर में 130 करोड़ की लागत से पीएम आवास योजना के तहत एक बड़ी कॉलोनी का निर्माण हुआ. निजी बिल्डर की कॉलोनी की तरह ही यहां पीएम आवास का निर्माण शुरू हुआ था. कुल 2784 मकानों का निर्माण 3 मंजिला इमारतों में विभाजित किया गया था. इसमें कुल 56 ब्लॉक हैं. यहां बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से लैस कॉलोनी बनाने की योजना थी. जो जुलाई 2019 में शुरू हुई थी. स्लम बस्तियों के हितग्राहियों को जुलाई 2022 तक यहां शिफ्ट कर देने का लक्ष्य था. अब पैसे नहीं मिल पाने के कारण यह योजना अटक गई है.

बदला गया नियम: दादर के पीएम आवास के मकान अब भी बड़े पैमाने पर खाली हैं. स्लम बस्तियों के लोगों के लिए बनी इस स्कीम के तहत चिन्हित लोग जब सामने नहीं आए, वह अपना बस्ती वाला मकान छोड़कर यहां विस्थापित नहीं हुए, तब नियम को बदल गया. मोर आवास मोर अधिकार शहरी पीएम आवास योजना 2.0 लॉन्च की गई. जिसके तहत अब ऐसा कोई भी व्यक्ति जिसकी पारिवारिक आय 3 लाख रुपये या इससे कम हो. वह इन मकानों को खरीद सकता है.

कोरबा में पीएम आवास से जुड़े तथ्य

  • निगम क्षेत्र में पीएम आवास के कुल मकान- 3265
  • मकान जिनका निर्माण पूर्ण किया गया- 945
  • मकान जिन्हें हितग्राहियों में आवंटित किया गया- 1674(51%)
  • मकान जिनमें लोगों ने रहना शुरू किया- 376

    आसान किस्तों में पैसे निगम को चुकाए जाने हैं. 400 स्क्वायर फीट के एक बीएचके मकान की कीमत 3 लाख 25 हजार है. शहर या इसके आसपास इस कीमत पर मकान मिलना भी आसान नहीं है. इस योजना के लॉन्च होने के बाद भी लोग काफी कम तादाद में निगम पहुंच रहे हैं, हालांकि मोर आवास मोर अधिकार योजना के बाद पहले से काफी लोगों ने मकान को खरीदा है. जिन्हें मकान आवंटित भी कर दिया गया है. कुछ लोगों ने कब्जा भी प्राप्त कर लिया है.

    मुड़ापार कॉलोनी सबसे अधिक आबाद: पीएम आवास योजना के तहत नगर पालिक निगम कोरबा में मुड़ापार, कॉर्पोरेशन, पुष्पपल्लव (लाटा), रामपुर और दादर में मकानों का निर्माण किया है. इसमें से सबसे ज्यादा आबाद मुड़ापार की कॉलोनी है. जहां लगभग सभी लोगों ने आवंटन प्राप्त कर लिया है और रहना भी शुरू कर दिया है. इस कॉलोनी को भी मुड़ापार के स्लम बस्ती में रहने वाले लोगों के लिए बनाया गया था. जिन्हें अपना मकान छोड़कर यहां शिफ्ट किया जाना था. मुड़ापार की पीएम आवास कॉलोनी पीएम आवास के तहत सभी परियोजना के मकानों में से सबसे अधिक आबाद कॉलोनी है.

    जारी किया जाता है विज्ञापन: नगर पालिका निगम में प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभारी अधीक्षण अभियंता सुरेश बरुआ ने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत निर्मित मकान के आवंटन के लिए समय पर विज्ञापन जारी किया जाता है. कोई भी व्यक्ति जिसकी परिवार की सालाना आय 3 लाख या इससे कम हो वो इसे ले सकता है. मकान के दाम 3 लाख 25 हजार है. मकान अभी भी खाली बचे हुए हैं. कुछ मकान अधूरे भी हैं, जहां काम तेजी से चल चल रहा है. जिन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा. लोगों से लगातार अपील भी की जाती है कि मकान कम दाम में मिल रहे हैं, वह इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.

Related Articles

Back to top button