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छत्तीसगढ़

वन प‌ट्टा खेतिहर भूमि का एग्रीस्टेक पंजीयन नहीं, धान बेचने के लिए किसान परेशान, आंदोलन की दी चेतावनी

धमतरी : छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जारी है. लेकिन धमतरी में वन भूमि पर खेती करने वाले किसान अपना धान नहीं बेच पा रहे हैं,क्योंकि इन किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन नहीं हो सका है. आपको बता दें कि धमतरी जिले के सिहावा विधानसभा क्षेत्र के 110 गांवों में रहने वाले करीब 7000 किसानों को शासन ने वनभूमि का खेतिहर प‌ट्टा दिया है. इन सभी गांवों को राजस्व ग्राम घोषित किया गया है. इन किसानों ने पिछले साल सोसायटी में धान बेचा था,लेकिन अब एग्रोस्टेक में पंजीयन नहीं होने के कारण किसान धान नहीं बेच पा रहे हैं. किसानों ने अपनी परेशानी कलेक्टर से साझा कर परेशानी को सुलझाने के लिए कहा है.

त्रुटि सुधार करने की अपील

किसानों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन में कहा कि नगरी, मगरलोड, कुकरेल, बेलरगांव, धमतरी तहसील अंतर्गत धान विक्रय के लिए समितियों में किसानों ने धान बिक्री के लिए पंजीयन कराया है. जिसमें धमतरी जिले से 110 परिवर्तित राजस्व ग्राम से कई किसानों का पंजीयन में त्रुटि सुधार और संशोधन नहीं होने से धान नहीं बिक पा रहा है.

अफसरों पर जानकारी नहीं देने का आरोप

अब त्रुटि सुधार कराने के लिए किसान भटक रहे हैं. विभागीय अधिकारियों पर सही जानकारी नहीं देने का आरोप लग रहा है. किसानों ने मांग की है कि जितने भी पंजीयन में त्रुटि हुई है उसमें तत्काल सुधार कराया जाए. संयोजक मयाराम नागवंशी ने कहा कि गिरदावरी में एकरूपता नहीं है, जब टोकन कटाते हैं तब रकबा का पता नहीं चलता.

बार-बार टोकन काटने के दौरान सर्वर फेल हो रहा है. जब पिछले वर्ष धान बेचे थे तो इस साल ऑनलाइन में रकबा क्यों प्रदर्शित नहीं हो रहा. समस्याओं का समाधान नहीं होने पर सभी सोसायटियों में धान खरीदी बंद करा दी जाएगी. इसके अलावा आगे भी प्रदर्शन करेंगे – मयाराम नागवंशी, पीड़ित किसान

वहीं इस मामले में अपर कलेक्टर पीके प्रेमी ने कहा कि कुछ ग्रामीण शिकायत लेकर आए थे. वनांचल ग्राम जो राजस्व ग्राम में घोषित है, वहां पर रकबा संशोधन की समस्या है.

इस संबंध में भूअभिलेख शाखा के द्वारा जो राजस्व ग्राम है उनके पटवारी, आरआई को सत्यापन दल के रूप में प्रेषित किया गया है. जैसे ही सत्यापन करेंगे तो ऑनलाइन मॉड्यूल में दिखाना शुरू हो जाएगा. जो अपना संशोधन चाहते हैं वह संशोधन हो जाएगा. संशोधन का कोई अंतिम दिवस आज नहीं है – पीके प्रेमी, अपर कलेक्टर

धान खरीदी बंद करवाने की चेतावनी

पीड़ित किसानों का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो सभी सोसायटियों में जाकर धान खरीदी बंद कराएंगे और आंदोलन करेंगे. परिवर्तित राजस्व ग्राम संघर्ष समिति के संयोजक मायाराम नागवंशी के नेतृत्व में अध्यक्ष बंशीलाल सोरी समेत प्रभावित किसानों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर परेशानी का हल तलाशने का निवेदन किया है.

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