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CM हेमंत सोरेन बोले- यह राजनीति का वक्त नहीं, जिंदा रहे तो होती रहेगी राजनीति

रांची। राजस्थान के कोटा में फंसे झारखंड के छात्र-छात्राओं का मामला तूल पकड़ रहा है। इस मसले पर सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत कर उत्तर प्रदेश सरकार की शिकायत की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोटा से छात्र-छात्राओं को लाने के मामले ने झारखंड के लोगों में असंतोष बढ़ाया है। ऐसा लग रहा है इसके लिए राज्य सरकार दोषी है, लेकिन इस मसले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

जिंदा रहेंगे तो बहुत राजनीति होती रहेगी। हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री को बताया कि हमारे कुछ सहयोगी मित्र ही हमारी चिंता बढ़ा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार कोटा से छात्रों को बस के जरिए अपने राज्य ले आए। इससे झारखंड के बच्चे हतोत्साहित हो रहे हैं और उनके ऊपर उन्हें वापस लाने का भारी दबाव है। कोटा में फंसे छात्रों के परिजनों ने भी लगातार उनसे मुलाकात कर बच्चों को वापस लाने की गुहार लगाई है। बकौल हेमंत सोरेन, वे स्वयं बहुत तकलीफ में हैं और यह सोच रहे हैं कि छात्रों को आखिरकार कैसे राहत पहुंचाई जाए?

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनकी बातें सुनीं लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। इससे उनकी चिंता और बढ़ गई है। सवाल उठाया कि राजस्थान कहां है और वहां से छात्रों को लाने में कितने राज्यों से होकर गुजरना पड़ेगा? कहीं भी संक्रमण हो सकता है। उत्तर प्रदेश में कोटा से लाए गए छात्रों में से एक बच्ची के संक्रमित होने की जानकारी मिली है। अगर झारखंड के बच्चों के साथ भी ऐसा हुआ तो और कितनी आपाधापी मचेगी? मुख्यमंत्री ने सोमवार को प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्यमंत्री और इस्पात मंत्री से भी बातचीत की और राज्य के हालात और जरूरतों से अवगत कराया।

जो जहां हैं, सुरक्षित रहें

मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण से सचेत होने की जरूरत है। जो जहां हैं, वही रहें। यह भी ध्यान देना होगा कि लॉकडाउन पूरे देश में है। प्रधानमंत्री भी अपने अगले संबोधन में इस बात को रखें। राज्य सरकार को केंद्र और केंद्र सरकार को राज्य सरकार की मदद करनी होगी, तभी संक्रमण से लड़ाई लड़ सकेंगे।

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