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छत्तीसगढ़

महिला आयोग की सुनवाई: स्ट्रीट डॉग विवाद से लेकर महिला विवेचक के खिलाफ शिकायत, अध्यक्ष ने कहा- पूरी सरकार मुझे हटाने में लगी

कोरबा: राज्य महिला आयोग की सुनवाई गुरुवार को कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में आयोजित की गई. अध्यक्ष किरणमयी नायक के साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी और सखी केंद्र की प्रशासक और बड़ी तादाद में शिकायतकर्ता, अनावेदक पहुंचे. सुनवाई के लिए 35 प्रकरण को सूचीबद्ध किया गया. इनमें जिन प्रकरण में दोनों पक्ष उपस्थित थे, वह निराकृत भी किये गए. 15 से 16 मामले ऐसे रहे, जिन्हें सफलतापूर्वक निराकृत कर दिया गया. जिसमें केवल एक पक्ष मौजूद थे, उन्हें आगे की तारीख दी गई है.

सुनवाई में स्ट्रीट डॉग से शुरू हुआ एक विवादित प्रकरण भी संज्ञान में आया. जिसमें दोनों पक्षों को समझाइश दी गयी. महिला विवेचक द्वारा दुष्कर्म पीड़िता से पैसे लेने और साक्ष्य गायब कर देने की शिकायत भी की गई है. इसी तरह पुलिसकर्मियों से जुड़े कई प्रकरण सामने आए. जिसमें पुलिसकर्मी या तो शिकायतकर्ता थे या फिर अनावेदक.

महिला आयोग की अध्यक्ष का आरोप

मीडिया से चर्चा के दौरान महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने कहा कि ”मुझे हटाने के लिए सरकार ने कई प्रपंच किये हैं. एडवोकेट जनरल को भी इस्तीफा देना पड़ गया. वर्तमान में भी जिन दो सदस्यों की नियुक्ति हुई है, उन्हें भी मुझे महिला आयोग से हटाने का टारगेट दिया गया है. मेरी सुरक्षा भी वापस ले ली गई है. मेरा कार्यकाल जुलाई में समाप्त हो रहा है, तब तक सुनवाई करती रहूंगी.”

एसई और एई के बीच स्ट्रीट डॉग्स को खाना देने से शुरू हुआ विवाद

स्ट्रीट डॉग्स को खाना देने से शुरू हुआ विवाद महिला आयोग पहुंच गया. सीएसईबी में पदस्थ एक एसई (superintendent engineer) की बेटी रात के समय कुत्तों को खाना दे रहे थी. इस पर विभाग में ही पदस्थ एक महिला सब इंजीनियर का एसई की बेटी से विवाद हो गया. दोनों ने एक दूसरे पर अभद्रता का आरोप लगाया, हालांकि पहली शिकायत एसई की बेटी ने की थी जबकि महिला सब इंजीनियर ने बाद में शिकायत की. आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि यह बेहद छोटा प्रकरण है. इसमें आयोग का समय बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने भी स्ट्रीट डॉग्स को लेकर कई गाइडलाइन जारी किए हैं. दोनों पक्षों को फटकार लगाई गई और युवती से भी कहा कि वह ऐसे खुले में रात के समय कुत्तों को खाना ना दे, इससे दूसरे लोगों को परेशानी हो सकती है. दूसरी तरफ महिला सब इंजीनियर को भी समझाइश दी.अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सर्टिफाइड कॉपी लेकर भविष्य में वह आगे कार्रवाई कर सकती हैं.

उधार के पैसे वापस नहीं किया तो खोल कर ले गए 6 लाख की 6 गाय

शहर से लगे गोकुल नगर से एक प्रकरण सामने आया. जिसमें एक महिला ने रोते हुए अपनी आप बीती महिला आयोग के अध्यक्ष को सुनाई. महिला ने कहा कि उसने गोकुल नगर के ही एक व्यक्ति से ₹100000 उधार लिए थे. ₹40000 लौटा दिए थे और 60000 बकाया था. इस पैसे की वसूली के लिए अनावेदकों ने परिवार सहित घर पर धावा बोल दिया, बेटी से मारपीट की और 6 गाय खोलकर अपने घर ले गए. मोटरसाइकिल भी ले गए, पति पंजाब में रहते हैं. मां बेटी का परिवार है. अपनी बेबसी और आर्थिक नुकसान का भी हवाला दिया. अध्यक्ष ने इस मामले में अनावेदक के तौर पर पहुंचे एक युवक को जमकर फटकार लगाई और गाय वापस करने को कहा. यह भी कहा कि 2 दिन के भीतर सखी वन स्टॉप सेंटर के प्रशासक की मौजूदगी में गाय वापस कर समझौता नहीं किया जाता तो एफआईआर दर्ज करने का आदेश देकर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

आरक्षक को लगाई फटकार, एकमुश्त पैसे देकर दे पहली पत्नी को तलाक

आरक्षक के खिलाफ उसकी पत्नी ने शिकायत की थी. अध्यक्ष के आरक्षक से सीधे पूछ लिया कि तुमने तीन-तीन पत्नियों को क्यों अपने साथ रखा हुआ है. पहली पत्नी से पूछा कि क्या परेशानी है, तब उसने बताया कि 8 साल से दोनों अलग रह रहे हैं और महीने के सिर्फ ₹4000 खर्चे के लिए मुझे मिलता है. भरण पोषण के तौर पर मिली राशि कम है. महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि एकमुश्त ₹500000 देकर आपसी सहमति से तलाक ले लिया जाए. महिला ने गाली गलौज करने की बात भी कही. अध्यक्ष ने इस पर आरक्षक को फटकार लगाते हुए समझाया और कहा कि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए. महिला से भी कहा कि जब साथ नहीं रहती तो मांग में इतना मोटा सिंदूर क्यों भरा है, ऐसे व्यक्ति के साथ रहने से अच्छा है कि अकेले रहो.

एक अन्य प्रकरण में महिला आरक्षक ने अपने पति के विरुद्ध शिकायत की थी. जिसके दो बच्चे हैं और पति द्वारा भरण पोषण के लिए कोई राशि नहीं दिए जाने और ध्यान नहीं दिए जाने की बात कही. यह भी कहा कि वह पुलिस विभाग में आरक्षक के तौर पर पदस्थ है, पति से अलग रहकर खुद ही अपने बच्चों का पालन पोषण कर रही है. वह अपने पति से आपसी सहमति से तलाक चाहती है. अध्यक्ष ने भी दोनों को समझाइश दी. पति से कहा कि जो पैसे अपनी पत्नी से लिए हैं, उसे वापस करे और आपसी सहमति से तलाक दें.

महिला विवेचक की गंभीर शिकायत

दुष्कर्म पीड़ित एक युवती ने एक महिला विवेचक के विरुद्ध गंभीर शिकायत की है. जिसमें बताया गया कि दुष्कर्म के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पहले तो ₹20000 लिये गए. इसके बाद आरोपी को पकड़ने के बाद, सोशल मीडिया में चैट के स्क्रीनशॉट और अन्य साक्ष्य दिए गए थे. उसे चालान से गायब कर दिया. दुष्कर्म के सबूत मिटा दिये, ताकि दुष्कर्म के आरोपी को बचाया जा सके. जिस पर ठोस कार्रवाई की मांग की गयी है. महिला विवेचक के खिलाफ की गई शिकायत पर आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि दस्तावेजों के साथ क्या-क्या साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया है, एसपी से पूर्व में की गई शिकायत सहित सारे दस्तावेज इकट्ठा करके आवेदन पेश करो. इसके बाद नियमों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी.

भाजपा नेता के मोबाइल से डिलीट करवाया वीडियो

महिला आयोग अध्यक्ष प्रकरण की सुनवाई कर रही थी. इसी दौरान कोसाबाड़ी मंडल के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता अजय विश्वकर्मा सभा कक्ष में मौजूद थे. वह अपने मोबाइल से वीडियो बना रहे थे. आयोग की अध्यक्ष ने उन्हें वीडियो बनाते हुए देख लिया और पूछा की वीडियो क्यों रिकॉर्ड कर रहे हो? यहां संवेदनशील प्रकरण की सुनवाई हो रही है. महिलाओं की गोपनीयता भंग हो सकती है. अध्यक्ष ने फटकार लगाते हुए अपने कर्मचारियों से मोबाइल का वीडियो डिलीट करने को कहा. रीसायकल बिन से भी वीडियो डिलीट करने को कहा गया. जिस पर भाजपा नेता ने मोबाइल से वीडियो डिलीट किया.

354वीं सुनवाई, कोरबा में साल में दो बार

महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने बताया कि यह मेरे कार्यकाल की 354वीं सुनवाई है. कोरबा जिले में यह 11वीं सुनवाई है. प्रत्येक जिले में साल में दो बार सुनवाई हो रही है. सुनवाई के माध्यम से लगातार महिला संबंधी प्रकरण को गंभीरता से लिया जा रहा है. आयोग के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है. जमीन संबंधी मामलों की भी शिकायतें हमारे पास आ रही हैं. उन्हें न्याय दिलवाने का प्रयास किया जाता है. महिलाओं द्वारा कानून के दुरुपयोग के संबंध में पूछने पर अध्यक्ष ने यह भी कहा कि कई बार हम शिकायतकर्ता के आवेदन और उसके हाव भाव को देखकर यह समझ जाते हैं कि यह कानून का दुरुपयोग कर रही हैं. ऐसी महिलाओं के विरुद्ध भी हम कार्रवाई करते हैं. पुरुष यदि प्रताड़ित है, तो वह भी अकेला प्रताड़ित नहीं होता. उसके परिवार की कोई न कोई महिला भी साथ में प्रताड़ित होती है. उसके माध्यम से वह शिकायत कर सकता है. कई मामले में हम देखते हैं कि हर बार पुरुष गलत नहीं होते, महिलाएं भी गलत होती हैं.

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