ब्रेकिंग
संसद का शीतकालीन सत्र: मोदी सरकार की बड़ी तैयारी! लाएगी 14 बड़े बिल, कांग्रेस ने पहले ही जताया विरोध... जयपुर में भीषण सड़क हादसा! ओवरटेक के चक्कर में तेज रफ्तार कार की ट्रेलर से जोरदार टक्कर, 8 लोगों की ... राजस्थान में India-UK का संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘AJEYA WARRIOR-25’ हुआ सम्पन्न! उत्कृष्ट प्रदर्शन करने... संसद सत्र से पहले SIR पर बड़ा बवाल! सर्वदलीय बैठक में उठा मुद्दा- 'वोट चोरी नहीं अब हो रही है डकैती'... BLO और नागरिकों को राहत! SIR फॉर्म सबमिशन की समय सीमा $7$ दिन बढ़ाकर $11$ दिसंबर की गई, चुनाव आयोग क... दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी! पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े 3 आतंकी गिरफ्तार, ... नेशनल हेराल्ड केस में नई FIR! राहुल और सोनिया गांधी पर साजिश का आरोप, कांग्रेस ने कहा- 'मामला झूठा औ... BLO सुसाइड केस में पत्नी ने खोले राज! 'काम का दबाव इतना था कि रात 2 बजे तक जगी रहती थी', मुरादाबाद म... कफ सिरप केस में बड़ा खुलासा! सरगना शुभम जायसवाल का पिता गिरफ्तार, कोलकाता एयरपोर्ट पर दबोचा गया, थाई... विराट कोहली ने रांची में रचा इतिहास! 52वां इंटरनेशनल शतक जड़कर सचिन तेंदुलकर का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ा, ...
देश

लड़का दुल्हन, लड़की दूल्हा! इस जिले की शादी की परंपरा आपको हैरान कर देगी, जानें इसके पीछे का इतिहास और महत्व

आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में कई जगहों पर सदियों पुरानी रस्में आज भी निभाई जाती हैं. कुछ गांवों में, पूजा के दौरान पुरुष महिलाओं का और महिलाएं पुरुषों का वेश धारण करती हैं. यानी शादी के दौरान दूल्हा तो दुल्हन की तरह सजता है और दुल्हन दूल्हे की तरह तैयारी होती है. दूल्हा दुल्हन की तरह साड़ी, गहने और अन्य सामान पहनता है, जबकि दुल्हन दूल्हे की तरह शर्ट और पैंट पहनकर पुरुष जैसा हेयरस्टाइल अपनाती है.

येरागोंडापालेम मंडल के कोलुकुला गांव में, दूल्हा-दुल्हन शादी से एक दिन पहले अपनी पोशाक बदलते हैं और अपने इष्ट देवता की पूजा करते हैं. दूल्हा यहां दुल्हन की तरह सज-संवर कर बारात निकालता है. फिर वह अपने इष्ट देवता की पूजा करते हैं. प्रकाशम जिले के कुछ गांवों में ये रिवाज पीढ़ियों से चलता आ रहा है. यहां के लोगों का मानना है कि अगर वो इस तरह अपना रूप बदल लें और अपने कुलदेवता की पूजा करें, तो सब अच्छा होता है. हालांकि, पूजा करने के बाद दूल्हा-दुल्हन को फिर सामान्य कपड़े पहनाकर शादी कराई जाती है.

सदियों से चल रहा है ये रिवाज

हाल ही में कोलुकुला गांव के बत्तुला में एक शादी हुई, जिसमें ये परंपरा फिर से निभाई गई. यहां दूल्हे शिव गंगुराजू को दुल्हन की तैयार किया गया और दुल्हन नंदिनी को दूल्हा बनाया गया. फिर बारात निकली गई और और इष्ट देवता की पूजा की गई. इसके बाद सामान्य तरीके से शादी हुई. बत्तुला कबीले के लोगों का कहना है कि यह रिवाज उनके परिवारों में सदियों से चला आ रहा है और आधुनिक समय में भी जारी है.

तीन साल में जाने वाला त्योहार

दूसरी ओर, नागुलुप्पलापाडु में हर तीन साल में मनाए जाने वाले अंकम्मा थाली जातरा में विवाहित महिलाएं पुरुषों के रूप में और पुरुष महिलाओं के रूप में तैयार होते हैं. पुरुषों के रूप में तैयार महिलाएं और महिलाओं के रूप में तैयार पुरुष पूजा करते हैं और अपनी मनोकामना मांगते हैं. ये त्योहार हर तीन में मनाया जाता है. हर तीन साल में एक बार आने वाले इस त्यौहार को तीन दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है.

Related Articles

Back to top button