ब्रेकिंग
मणिपुर के जंगलों में लगी भीषण आग; वायुसेना के Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने मोर्चा संभाला, आसमान से बरसाया... "उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो"; राहुल गांधी ने किया समर्थन, बीजेपी और संघ पर साधा तीखा निशाना शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिले अलंकार अग्निहोत्री; दिल्ली कूच की दी बड़ी चेतावनी, जानें क्या ह... Bihar News: औरंगाबाद में पांच सहेलियों ने उठाया खौफनाक कदम; 4 की जान गई, एक की हालत गंभीर, आत्महत्या... Delhi-UP Weather Update: दिल्ली-यूपी में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का अलर्ट, IMD ने अगले 3 दिनों ... Jalandhar Crime: जालंधर में दिन-दिहाड़े ज्वैलर पर खूनी हमला, दुकान में घुसकर बदमाशों ने मचाया तांडव;... Punjab Road Accident: पंजाब में भीषण सड़क हादसा, पेड़ से टकराकर कार के उड़े परखच्चे; चालक की मौके पर... नशे का 'ग्लोबल नेटवर्क' ध्वस्त! विदेशों में होनी थी अफीम की सप्लाई, पुलिस ने ऐसे बेनकाब किया अंतरराष... PM मोदी ने डेरा सचखंड बल्लां में टेका मत्था; संत निरंजन दास जी से लिया आशीर्वाद, रविदास जयंती पर बड़... PM मोदी की यात्रा रविदासिया समाज के प्रति सम्मान और विश्वास का संदेश: सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल
देश

बहादुर पति ने पहले पत्नी को बचाया, फिर… 3 सालियों को बचाने गया और चारों की मौत, गोवा अग्निकांड में गाजियाबाद का परिवार तबाह

गोवा के नाइट क्लब के अग्निकांड में कई लोगों की जान चली गई. अभी तक 25 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. इन 25 लोगों में एक परिवार दिल्ली और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का भी था, जिसके 4 सदस्यों की इस हादसे में मौत हो गई. परिवार 4 दिसंबर को गोवा घूमने के लिए गया था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि ये उनकी जिंदगी की आखिरी ट्रिप बन जाएगी.

शनिवार 6 दिसंबर की रात पणजी से 25 किलोमीटर दूर अरपोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में लगी भीषण आग ने कई जिंदगियां तबाह कर दी. गाजियाबाद की रहने वाली भावना जोशी अपने पति विनोद और तीन बहनों अनीता, सरोज और कमला के साथ 4 दिसंबर को गोवा गई थीं. गोवा में ये सभी एक होटल में रुके थे. शनिवार को जब ये घटना हुई. उससे महज 15 मिनट पहले ही भावना अपने पति और बहनों के साथ क्लब के अंदर गई थीं और 15 मिनट बाद इस हादसे में उन्होंने अपने पति और तीनों बहनों को खो दिया.

जीजा-सालियों की जिंदा जलकर मौत

इस अग्निकांड में अपने परिवार में सिर्फ भावना ही बच पाईं. जब क्लब में आग लगी तो भावना के पति विनोद ने एकदम तेजी से भावना को क्लब के मेन गेट से बाहर धक्का दे दिया. इसके बाद वह अपने तीनों सालियों यानी भावना की बहनों को बचाने के लिए फिर से अंदर गए, लेकिन वह खुद भी आग की चपेट में आ गए. विनोद भी क्लब में सालियों के साथ आग में झुलस गए और चारों की जिंदा जलकर मौत हो गई.

विनोद के फोन पर जाती रही घंटी

भावना को विनोद ने मेन गेट से बाहर कर दिया था, जिस वजह से भावना की जान बच गई, लेकिन उनकी तीनों बहनें और पति को उन्होंने हमेशा के लिए खो दिया. बाहर आकर भावना लगातार अपने पति के नंबर पर कॉल करती रहीं. विनोद के फोन पर रिंग जा रही थी तो भावना की उम्मीद बंधी हुई थी कि शायद विनोद उनकी बहनों के साथ जिंदा हों, लेकिन जब फोन नहीं उठाया गया तो उनकी उम्मीद टूट गई.

मृतकों की हो गई पहचान

वहीं मृतकों की पहचान भी हो गई. इनमें सबसे ज्यादा कर्मचारी उत्तराखंड, झारखंड, असम, नेपाल और उत्तर प्रदेश से थे. झारखंड के मोहित, प्रदीप महतो और बिनोद महतो शामिल थे, जबकि असम से राहुल तांती, मनोजित माल और दिगंबर पतिर थे. उत्तराखंड के सतीश सिंह, सुरेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, सुमित नेगी और मनीष सिंह की मौत हुई.

वहीं नेपाल के चुर्ना बहादुर पुन, विवेक कटवाल, सबिन और सुदीप थे. उत्तर प्रदेश के सुनील कुमार और रोहन सिंह थे. पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग से सुभाष छेत्री, महाराष्ट्र के डोमिनिक और मनोज जोरा, कर्नाटक के इशाक की भी मौत हो गई. इसके अलावा दिल्ली के पर्यटकों में सरोज जोशी, विनोद कुमार, अनीता जोशी और कमला जोशी शामिल थे.

Related Articles

Back to top button