ब्रेकिंग
पंजाब के 22 अधिकारी रडार पर! बड़े Action की तैयारी पंजाब में धुंध का कहर, हाजीपुर-मुकेरियां मार्ग पर ट्रक और ट्रैक्टर की भीषण टक्कर सरपंच हत्याकांड: अमृतसर में एनकाउंटर के बाद माहौल तनावपूर्ण, पूलिस ने सील किया पूरा इलाका सुल्तानपुर लोधी में सरेआम गुंडागर्दी, युवकों पर जानलेवा हमला, वीडियो वायरल PM मोदी पर सवाल कर बुरे फंसे केजरीवाल व संजय सिंह, हाईकोर्ट ने दिया झटका Aadhaar से कौन-सा फोन नंबर है Link? मिनटों में घर बैठे ऐसे करें Check रेल यात्रियों को आज से टिकट खरीदने पर मिलेगी छूट, जानें कैसे ले सकते हैं लाभ लंगर का प्रसाद खाने से 50 के करीब लोगों की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती घर में घुसकर बुजुर्ग महिला से लूट, इलाके में दहशत का मौहाल पुलिस ने 98 नशा तस्करों को किया गिरफ्तार
देश

पीएम मोदी का उत्तराधिकारी कौन? सवाल का RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिया ये जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराधिकारी कौन, जब यह सवाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत से पूछा गया तो उन्होंने इस बहस में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया. भागवत ने कहा कि देश के अगले प्रधानमंत्री के बारे में विचार-विमर्श और फैसला पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और खुद नरेंद्र मोदी करेंगे.

यह पूछे जाने पर कि पीएम मोदी का उत्तराधिकारी कौन होगा, मोहन भागवत ने कहा, “कुछ सवाल मेरे दायरे से बाहर हैं. इसलिए इस बारे में मुझे कुछ भी कहना नहीं है.” उन्होंने आगे कहा, “मैं सिर्फ शुभकामनाएं दे सकता हूं, और कुछ नहीं. मोदी जी के बाद कौन, यह खुद मोदी जी और बीजेपी को तय करना है.”

उत्तराधिकार की बहस में शामिल नहीं

चेन्नई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष समारोह में शामिल होने गए भागवत के जवाब को खुले तौर पर इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि संघ का बीजेपी के अंदर उत्तराधिकार की बहस में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने यह बयान 9 दिसंबर को दिया था.

साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अगर भारत को “विश्वगुरु” के रूप में उभरना है तो जाति-आधारित और भाषायी विभाजन को खत्म करना ही होगा. भागवत ने कहा, “हमें RSS को एक लाख या उससे ज्यादा जगहों पर ले जाना है. हमें अपने देश में जाति और भाषायी विभाजन को खत्म करना है और एकता वाला समाज बनाना है.”

जनता के साथ हो संवाद प्रक्रियाः भागवत

संघ प्रमुख भागवत ने कल बुधवार को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में कहा कि जनता के साथ गहरी संवाद प्रक्रिया होनी चाहिए, क्योंकि आरएसएस की अब तक की यात्रा तथ्यों की तुलना में धारणाओं के जरिए फैली. उन्होंने कहा कि इसी को देखते हुए देशभर में नए-नए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें संघ के स्वयंसेवक लोगों से बातचीत करेंगे. उनके साथ संघ के बारे में सटीक और तथ्यात्मक रूप से जानकारी साझा करेंगे.

Related Articles

Back to top button