लॉकडाउन में भी मुक्ति संस्था ने दिखाई मानवता, 10 लावारिस शवों का किया अंतिम संस्कार

रांची। कोरोना वायरस जैसे महामारी को रोकने के लिए प्रधानमंत्री के द्वारा लगाए गए संपूर्ण लॉकडाउन में भी मुक्ति संस्था ने बहुत बड़ी मानवता दिखाई है। आज रविवार को रिम्स में पड़े शवों का मुक्ति संस्था की ओर से जुमार नदी के तट पर अंतिम संस्कार किया गया। लॉकडाउन के नियम का पालन करते हुए संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने सभी सदस्यों को घर में रहने के लिए कहा और घर से ही मृत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करने के लिए कहा। इसके बाद सभी सदस्यों ने लॉकडाउन का पालन करते हुए घर में रहकर ही प्रार्थना की। संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने जानकारी दी कि आज के कार्यक्रम में सामाजिक दूरियाें का ख्याल रखते हुए शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
नगर निगम की तरफ़ से लकड़ी और किरासन तेल उपलब्ध कराया गया। चूंकि रिम्स को शीत शव गृह के मरम्मत का कार्य करवाना था। इसलिए संस्था से अनुरोध किया गया था कि शवों का दाह संस्कार अगर सम्भव हो तो किया जाय। इसके बाद मुक्ति संस्था ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए शवों का अंतिम संस्कार किया। अंतिम संस्कार कार्यक्रम में मुक्ति संस्था के अध्यक्ष के अलावा रिम्स के चार कर्मी शामिल थे जिन्होंने शव को पैकिंग कर जुमार नदी तक पहुंचाया। नगर निगम की ओर से लकड़ी और मिट्टी तेल उपलब्ध कराया गया।
अंतिम संस्कार में ऑनलाइन अरदास किया गया
अध्यक्ष प्रवीण लोहिया जिस समय शवों को मुखाग्नि दे रहे थे, उस समय ऑनलाइन अरदास सम्पन्न कराया गया। उसके बाद अध्यक्ष ने मुखाग्नि भेंट की। अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने मुक्ति संस्था के सभी सदस्यों को घर पर ही रहने का अनुरोध किया था और अकेले ही कार्यक्रम करने गए। इसके बाद रिम्स के कर्मचारियों की मदद से कार्यक्रम सम्पन्न किया गया।






