बिजली कंपनियों के लिए बड़ा सिरदर्द चाइनीज मांझा, हाईटेंशन लाइन पर पतंगें, सप्लाई ठप

उज्जैन : मालवा इलाके में मकर संक्रांति से एक माह पहले पतंगबाजी का दौर शुरू. इस दौरान उज्जैन व इंदौर में हाईटेंशन लाइन में पतंगें फंसने व इन्हें निकलाने के चक्कर में रूह कंपाने वाले हादसे हो रहे हैं. चाइनीज मांझा और पतंगबाजी से बिजली कंपनियां भी परेशान हैं. चाइनीज मांझे के कारण हाईटेंशन लाइन से बिजली सप्लाई प्रभावित हो रही है. अब पुलिस और प्रशासन के बाद मध्य प्रदेश ट्रांसको ने भी जनजागरुकता अभियान शुरू किया है.
हाईटेंशन लाइन में मांझा फंसने से हादसे
कुछ लोग प्रतिबंधित चीनी मांझे का पतंगबाजी में धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं, जिससे राह चलते लोगों के नाक, कान, गले, हाथ कट रहे हैं. मांझा उस दौरान और भी घातक हो जा रहा है, जब ये हाईटेंशन लाइन में उलझ कर फंस जाता है. इससे बिजली प्रभावित हो रही है. बच्चे भी हाईटेंशन लाइन में फंसी पतंग व मांझे को निकालने की कोशिश में हादसे के शिकार हो रहे हैं. उज्जैन एवं इंदौर में दो साल के अंदर एक दर्जन से अधिक मामले में हुए हैं.
इन हादसों से बिजली कंपनियों की नींद उड़ी
उज्जैन के विराटनगर में इसी साल 2025 में दिसंबर में हाईटेंशन लाइन की चपेट में 8 वर्षीय बालक अमन आ गया. अमन घर की छत पर था. उसे हाईटेंशन लाइन समझ नहीं आई. वह उसके ऊपर लटके चीनी मांझे को निकालने लगा और चपेट में आ गया. अमन का हाथ और पैर गंभीर रूप से झुलस गया. हाल ही में इंदौर में एरोड्रम थाना क्षेत्र के नगिन नगर में 9 साल का गोविंद घर की छत पर हाईटेंशन लाइन से पतंग निकालने के कारण 70 प्रतिशत झुलस गया. उसकी हालत गंभीर है.
प्रशासन व पुलिस भी चला रही जागरुकता अभियान
इंदौर के छत्रीपुरा में 08 साल की गुड़िया भी हाईटेंशन लाइन से झुलस गई. अगस्त महीने में 13 साल के तौहीद की हाईटेंशन लाइन में पतंगबाजी के कारण चपेट में आने से मौत हो गई. ऐसे कई मामले दो साल में सामने आ चुके है. ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुलिस, प्रशासन मांझा बेचने वाले, उड़ाने वालो पर कार्रवाई कर रहा है. तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. वहीं, अब बिजली कंपनी भी जागरुकता अभियान चला रही है.
बिजली ट्रांसमिशन लाइन के लिए खतरनाक चाइना मांझा
एमपी ट्रांसको उज्जैन के कार्यपालन अभियंता धन सिंह भलावी ने बताया “चीनी मांझा ट्रांसमिशन लाइन के लिए इसलिए खतरनाक होता है क्योंकि यह धात्विक लेप युक्त होता है, जो विद्युत का अच्छा चालक होता है. जब यह एक्स्ट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन के संपर्क में आता है तो लाइन ट्रिपिंग, फ्लैशओवर और शॉर्ट सर्किट जैसी स्थितियां बन जाती हैं. इससे इंसुलेटर, जम्पर और कंडक्टर जैसे संवेदनशील उपकरण क्षतिग्रस्त होते हैं और पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो जाती है.”
उज्जैन- इंदौर में ये क्षेत्र चिह्नित
एमपी ट्रांसको उज्जैन के कार्यपालन अभियंता धन सिंह भलावी ने बताया “उज्जैन में 132 केवी उज्जैन रतड़िया और 132 केवी उज्जैन भैरवगढ़ ट्रांसमिशन लाइन के नीचे अवैध निर्माण हैं. 132 केवी और 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन में मांझा फंसने से बिजली प्रभावित की शिकायतें हैं. केसर बाग, पंवासा, पांड्याखेड़ी, बैकुंठ धाम, सेठिनगर, शंकरपुर में टीमें वाहनो से अनाउंसमेंट कर रही हैं.”
एमपी ट्रांसको इंदौर की कार्यपालन अभियंता नमृता जैन ने बताया “इंदौर के लिम्बोदी, मूसाखेड़ी, खजराना, महालक्ष्मी नगर, सुखलिया, गौरीनगर, बाणगंगा, तेजाजी नगर और नेमावर रोड शामिल हैं, जहां पोस्टर, बैनर और पीए सिस्टम के माध्यम से भी लोगों को सचेत किया जा रहा है.”






