सावधान! आपका AC न बढ़ा दे कोरोना वायरस का खतरा

लुधियाना: कोरोना के साथ गर्मी का प्रकोप बढ़ने के मद्देनजर सेहत विभाग द्वारा एयर कंडीशनरों के प्रयोग को लेकर शंकाए दूर करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें साफ कहा गया है कि ए.सी. एक कमरे के बीच की हवा को घुमाकर दोबारा ठंडा करने के नियम पर काम करता है।
इसलिए मौजूदा स्थिति में माल, दफ्तर, अस्पताल, सेहत केन्द्रों में ए.सी. के प्रयोग से लोगों को खतरा हो सकता है। सिविल सर्जन डा.राजेश बग्गा ने बताया कि जहां अलग एयर कंडीशनिंग नहीं की जा सकती। वहीं इकट्ठी हुई बाहर जाने वाली हवा में संक्रमित रोगाणु होने की संभावना रहती है और इसके मद्देनजर कोरोना प्रभावित मरीजो के कमरों की एग्जास्ट हवा का ट्रीटमेंट, हैपाफिलटरेशन या कैमिकल डिसइंफैकशन के साथ किया जा सकता है। जिसमें 1 प्रतिशत सोडियम हाईपोकलोराईट सोल्यूशन का प्रयोग किया जाए।व्यापारिक और औद्योगिक स्थानों के लिए यह सिफारिश की गई है कि कोविड-19 के खतरे के हवा में फैलाव को कम से कम रखने के लिए अंदरूनी वातावरण में अधिक से अधिक बाहरी हवा आनी चाहिए। सिर्फ खिड़कियां खुलने और मेकैनिकल वैंटीलेशन सिस्टम होने पर ज्यादा बेहतर तरीकों से बाहरी हवा को फिलटर करके अंदरूनी हवा की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है। यदि ताजी हवा उपलब्ध न हो रही हो तो यह सिफारिश की गई है कि सैंट्रल इनलाईन फेन फिलटर यूनिट के साथ एक एयरडकट जोड़ दी जाए और यदि मल्टीपल कैसेट या मल्टीपल हाईवाल यूनिट हो तो ताजी हवा को गरिलें के द्वारा अंदरूनी क्षेत्र में या उसके नजदीक पहुंचाया जा सकता है।
यहां तक कि ताजी हवा को कम से कम मात्रा 3 क्यूबिक मीटर/घंटा प्रति व्यक्ति और 3.75 क्यूबिक मीटर/घंटा प्रति सकेयर मीटर की सिफारिश की गई है। जिन इमारतों में मकैनिकल वैंटीलेशन व्यवस्था नहीं है उनमें खुलने वाली खिड़कियों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। जबकि री-सर्कलेट व्यवस्था के मामलो में रिटरन एयर सर्कुलेशन को सीमित किया जाए। इसे एग्जास्ट व्यवस्था में बदला जा सकता है। रिहायशी स्थानों के लिए यह दी गई है कि कमरों का तापमन 24 से 27 डिगरी सैल्सिीयस में सैट किया जाए और नमी 40 से 70 प्रतिशत में रखी जाए। एसी की समय-समय पर सर्विस करवाई जाए, जिससे फिल्टर साफ रहें। जबकि ज्यादा लोगों वाले कमरो में एगजास्ट फैन लगाया जा सकता है। जिसके साथ कमरों में नैगेटिव प्रैशर बने और ताजी हवा का चलन रहे। कमरो में घूम रही हवा को समय-समय पर बाहर निकाला जाए।






