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सावधान! जानलेवा साबित हुई कमरे में रखी अंगीठी, दम घुटने से परिवार की बिगड़ी हालत, मासूम ने तोड़ा दम

बिहार के आरा में ठंड से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाकर सोना एक परिवार के लिए काल बन गया. जहरीली गैस (कार्बन मोनोऑक्साइड) के कारण 12 वर्षीय बालक की मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता और बहन गंभीर रूप से बीमार हैं. जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

बिहार के भोजपुर जिले के आरा शहर में रविवार की रात एक दर्दनाक हादसे में 12 वर्षीय बालक की मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता और छोटी बहन गंभीर रूप से बीमार हो गए. घटना नगर थाना क्षेत्र के छोटकी सिंगही गांव की है, जहां ठंड से बचाव के लिए बंद कमरे में जलाई गई अंगीठी से निकले जहरीले धुएं ने पूरे परिवार को अपनी चपेट में ले लिया.

मृतक की पहचान कृष्णगढ़ थाना क्षेत्र के घांघर गांव निवासी चंद्रभूषण सिंह उर्फ बंटी सिंह के 12 वर्षीय पुत्र बजरंगी सिंह के रूप में की गई है. वहीं, गंभीर रूप से बीमार लोगों में उसकी मां पूजा सिंह, पिता बंटी सिंह और 9 वर्षीय बहन परिधि सिंह शामिल हैं. मां की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है.

बंटी सिंह ने बताया कि पूरे परिवार के साथ 27 दिसंबर को बागेश्वर धाम गए थे. काफी अच्छे से पूजा-पाठ भी किया. बेटा बजरंगी धाम पर हर रोज 21 बार परिक्रमा करता था. पूजा खत्म होने के बाद शनिवार की दोपहर सभी लोग अपने घर आ गए थे. ज्यादा ठंड होने के कारण बाजार से 7 किलो इमली की लकड़ी लेकर आया था.

कैसे हुआ हादसा?

बजरंगी सिंह के अनुसार खाना खाने के बाद बोरसी में आग जलाकर सो गए. रात एक बजे के करीब मेरी बेटी परिधि ने कहा कि सीने में दर्द है. दवा देने के बाद उसे सुला दिया. फिर पत्नी कहने लगी कि मेरे दोनों हाथों में काफी दर्द है. मैंने उसके हाथों को दबाया भी था, लेकिन बेटी की तबियत खराब हो रही थी. फिर रात में ही अपने एक दोस्त को फोन कर गाड़ी मंगवाने की बात भी कही थी. इसके बाद मुझे होश नहीं क्या हुआ.

पुलिस ने तोड़ा दरवाजा

काफी देर तक अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर परिजनों ने नगर थाना पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया, जहां सभी लोग बेहोशी की हालत में पाए गए. पुलिस की मदद से सभी को तुरंत आरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बजरंगी सिंह को मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों के अनुसार, अंगीठी से निकलने वाला धुआं अत्यंत खतरनाक होता है, जिसमें कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें होती हैं. बंद कमरे में इसका असर जानलेवा हो सकता है.

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