घर में चल रही बच्चे के वेलकम की तैयारी, आधार कार्ड में मर चुकी मां, छतरपुर का गजब मामला

छतरपुर: मध्य प्रदेश में आए दिन दस्तावेजों में लापरवाही के मामले सामने आते रहते हैं. कभी किसी का नाम दस्तावेज में नहीं होता, तो कभी किसी जिंदा इंसान को मृत घोषित कर दिया जाता है और कभी तो मृत के नाम पर राशि निकाल ली जाती है. इस तरह कई गैरजिम्मेदाराना मामले आते रहते हैं. एक बार छतरपुर में कुछ इसी तरह की लापरवाही देखने मिली है. जहां एक महिला को आधार कार्ड में मृत घोषित कर दिया गया. अब वह खुद के जिंदा होने के सबूत अधिकारियों को देते घूम रही है.
आधार कार्ड में मृत घोषित हुई महिला
सरकारी दस्तावेजों में नाम होना, आज किसी के जिंदा होने की सबसे बड़ी पहचान बन गया है. अगर यही दस्तावेज किसी को मृत घोषित कर दे, तो जिंदा इंसान भी सिस्टम के सामने बेबस हो जाता है. छतरपुर के बमीठा थाना क्षेत्र स्थित इमलहा गांव में रहने वाली गीता रैकवार गर्भवती है. घर में आने वाले नए मेहमान की तैयारी चल रही है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में गीता का अस्तित्व ही खत्म हो चुका है. आधार की वेबसाइट पर गीता रैकवार को मृत घोषित कर दिया गया है. जिसके चलते उसका आधार कार्ड सस्पेंड हो गया है.
उज्जवला योजना के दौरान पता चला, वह मृत है
मामला तब सामने आया जब गीता रैकवार अपने पति मंगलदीन रैकवार के साथ उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन के लिए आवेदन करने पहुंची. फॉर्म भरते समय आधार सत्यापन हुआ और सिस्टम ने साफ बता दिया कि लाभार्थी तो सरकारी तौर पर मर चुकी है. योजना का लाभ मिलना तो दूर, पहले खुद को जिंदा साबित करने की सलाह दे दी गई. परिवार जब आधार सेंटर पहुंचा तो वहां बताया गया कि गीता रैकवार का नाम मृत्यु दर्ज कॉलम में दर्ज है.
नहीं मिल रहा किसी सुविधा का लभा, लगा रहे चक्कर
आधार कार्ड ही सस्पेंड है, इसलिए न सरकारी योजना, न इलाज और न ही किसी सुविधा का लाभ मिल सकता है. सुधार के नाम पर एक ही जवाब दिया गया कि मामला भोपाल या दिल्ली स्तर से ही ठीक होगा. पिछले एक हफ्ते से गर्भवती महिला और उसका पति सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं. कभी आधार सेंटर, कभी जनसेवा केंद्र और कभी ब्लॉक कार्यालय. हर जगह एक ही जवाब मिल रहा है, यहां से कुछ नहीं हो सकता.
जनपद कार्यालय को भेजा गया आवेदन
वहीं महिला गीता के पति मंगलदीन रैकवार ने बताया “जब उज्ज्वला योजना का फार्म भरने गए तो पता चला पत्नी आधार कार्ड में मृत घोषित है. आधार सेंटर गए तो वहां भी मृत बता रहा है. वह गर्ववती है एक हफ्ते से हम भटक रहे हैं.” वहीं बमीठा थाना प्रभारी आशुतोष श्रोती ने मामले में कहा कि “आवेदन आया है आधार कार्ड में महिला मृत घोसित है. उचित कार्रवाई के लिए उसके आवेदन को जनपद कार्यलय भेज दिया गया है. जिससे महिला के नाम का सुधार हो सके और उसे योजनाओं का लाभ मिल सके.”






