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बिहार

पटना बैंक लूट का खौफनाक अंत: जब दोस्त ने हड़पे पूरे पैसे, तो दूसरे ने सुपारी देकर उतरवा दिया मौत के घाट

बिहार के पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र में बैंक डकैत अमन शुक्ला की हत्या कर दी गई थी, जिसने पंजाब नेशनल बैंक में लूट की घटना को अंजाम दिया था. इसके बाद जब अमन शुक्ला अपनी पत्नी और बेटे के साथ बाइक से जा रहा था. तभी अपराधियों ने अमन को एक के बाद एक कई गोलियां मारी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था. फिर उसे अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया था. अब अमन की हत्या में शामिल तीन अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस ने जिन तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है. उनमें परसा बाजार का जितेंद्र कुमार, सुजीत कुमार उर्फ सोनू और बिहटा का धर्मेंद्र कुमार शामिल है. पुलिस ने बताया कि अपराधी सोनू मृतक अमन का दोस्त था. दोनों ने साथ मिलकर बैंक लूटने की घटना को अंजाम दिया था. इसके बाद बैंक लूट की रकम को लेकर विवाद हो गया था. फिर सोनू उर्फ कल्लू को शक हुआ कि अमन उसकी हत्या करवा देगा. ऐसे में इससे पहले अमन कुछ करता, सोनू ने ही अमन की हत्या कर दी.

पुलिस ने तीन अपराधियों को पकड़ा

जक्कनपुर थाना क्षेत्र के नवरतनपुर के रहने वाले सोनू ने अपने साढ़ू जितेंद्र कुमार के साथ मिलकर साजिश रची और सुजीत कुमार को भी अपने साथ शामिल किया. जांच के दौरान सामने आया कि वारदात के समय बाइक सोनू चला रहा था. धर्मेंद्र ने अमन पर गोली चलाई थी. साजिश के तहत पहले सुजीत कुमार ने इलाके की रेकी की थी और दोनों शूटरों की व्यवस्था भी उसी ने की थी. गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से पुलिस ने दो देसी पिस्टल, वारदात में इस्तेमाल की गई एक पिस्टल, एक बाइक, चार मोबाइल फोन और करीब 70 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं.

इस तरह की थी अमन की हत्या

5 जनवरी की शाम पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के विद्यापुरी पार्क के पास अमन की गोली मारकर हत्या कर दी गई. अमन अपनी पत्नी नेहा शुक्ला और बेटे अक्षय के साथ डॉक्टर को दिखाकर घर लौट रहा था. इसी दौरान बाइक से पीछा कर रहे सुजीत और धर्मेंद्र ने रास्ते में उसे घेर लिया. दोनों ने पहले अमन की पत्नी और बच्चे को बाइक से उतारा, फिर अमन पर गोली चला दी.

सोनू ने दी थी 5 लाख की सुपारी

पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्या की साजिश करीब डेढ़ महीने पहले ही रची जा चुकी थी. आरोपी सोनू लंबे समय से अमन की एक्टिविटी पर नजर रखे हुए था. इसी बीच उसे यह जानकारी मिली कि एसके पुरी थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के एक मामले में उसकी जमानत रद्द हो गई है. इसके बाद उसने पूरा प्लान तैयार कर 5 जनवरी की शाम अमन की हत्या कराने का फैसला किया. उसी दिन सोनू ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया.

जितेंद्र ने पुलिस को बताया कि सोनू ने जानबूझकर सरेंडर किया था ताकि हत्या का शक उस पर न जाए. कल्लू ने सुजीत और धर्मेंद्र को अमन की हत्या के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी, जिसमें से 3.40 लाख रुपये एडवांस में दिए गए थे. वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल और बाइक भी सोनू ने ही धर्मेंद्र को दी थी. पुलिस ने सबसे पहले जितेंद्र को गिरफ्तार किया, जिसके बाद एक-एक कर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और पूरे हत्याकांड का खुलासा हुआ.

कैसे शुरू हुआ ये पूरा विवाद?

एसएसपी ने ये भी बताया कि इस मामले में कुछ सफेदपोश लोग और कारोबारी भी शामिल हैं. इनमें ऐसे लोग भी हैं, जिनका पहले क्रिमिनल रिकॉर्ड भी रहा है. इसके अलावा कुछ जिम ऑपरेटर और दुकानदारों की भूमिका भी सामने आई है. अब सोनू से पूछताछ की जा रही है और उसके साथ शामिल और आरोपियों की भी तलाश की जा रही है. पुलिस के मुताबिक अमन और कल्लू के बीच विवाद की जड़ जुलाई 2020 की एक बैंक डकैती थी. उस समय बेउर के पास स्थित पंजाब नेशनल बैंक में अमन ने अपने गिरोह के साथ लूटपाट की थी, जिसमें सोनू भी शामिल था. इस डकैती में कुल 52 लाख रुपये लूटे गए थे. पुलिस ने अमन की गिरफ्तारी के बाद करीब 33 लाख रुपये बरामद कर लिए थे, जबकि 19 लाख रुपये उसके पास रह गए थे.

बताया गया कि अमन ने इस रकम में से कुछ पैसा अपने साथियों में बांट दिया था और बाकी अपने पास रख लिया था. इसी बात को लेकर बेउर जेल में अमन और सोनू के बीच झगड़ा और मारपीट भी हुई थी. मई 2025 में जेल से रिहा होने के बाद भी दोनों के बीच तनाव खत्म नहीं हुआ. जेल से बाहर आने के बाद अमन कंकड़बाग इलाके में एक बड़े ज्वेलरी शोरूम में लूट की योजना बनाने लगा और नया गिरोह खड़ा करने की कोशिश कर रहा था. इसकी भनक कल्लू को लग गई. इसके बाद कल्लू ने एक बार फिर अमन से 19 लाख रुपये में अपना हिस्सा मांगा, जिसको लेकर दोनों के बीच दोबारा विवाद बढ़ गया.

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