बस्तर में किसान परेशान, नहीं खरीदा जा रहा धान, कर्ज लिए किसान सरकारी दफ्तरों का लगा रहे चक्कर

बस्तर: छत्तीसगढ़ में नवंबर महीने से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जारी है. राज्य के अधिकतर जिलों में टोकन काटकर धान खरीदा जा रहा है, लेकिन बस्तर जिले में किसान टोकन न कटने से परेशान हैं. खासकर कर्ज लेकर खेती करने वाले किसान सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं. परेशान किसानों ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपा. इन मांगों को कांग्रेस पार्टी ने भी समर्थन दिया है और भाजपा सरकार पर किसानों से ठगी का आरोप लगाया है.
किसानों की मुख्य मांगें-
- टोकन काटने की तारीख 14–15 फरवरी तक बढ़ाई जाए
- धान बेचने की लिमिट बढ़ाई जाए
- ऑनलाइन सत्यापन वेबसाइट दोबारा खोली जाए
टोकन में “खाली स्थान” दिखने से नहीं कट रहा टोकन: प्रभावित किसान लखेश्वर कश्यप ने बताया कि जब वे टोकन कटाने जाते हैं, तो सिस्टम में उनके खाते में “खाली स्थान” नहीं दिखता. रकबे का सत्यापन नहीं दिख रहा, सरकार ने सत्यापन की वेबसाइट बंद कर दी है.
अगर सरकार धान खरीदना चाहती है तो साफ बताए, नहीं तो यह भी स्पष्ट करे. 10 दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो किसान आंदोलन करेंगे.– लखेश्वर कश्यप, किसान
एग्रिस्टेक में नाम नहीं, सत्यापन भी गायब: किसान सुभाष बघेल ने कहा कि सरकार दावा करती है कि किसानों का दाना-दाना खरीदा जाएगा, लेकिन न टोकन कट रहा, न एग्रिस्टेक में नाम दिख रहा, न ही रकबे का सत्यापन हो रहा. किसान लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा.
कई बार तहसील और SDM कार्यालय के चक्कर: किसान जगन्नाथ कश्यप ने बताया कि एग्रिस्टेक सत्यापन न दिखने के कारण उन्हें 4 बार तहसील कार्यालय और SDM कार्यालय जाना पड़ा. अधिकारियों ने समाधान का आश्वासन दिया लेकिन खरीदी केंद्र में अब भी टोकन नहीं कट रहा.
खेती के लिए 20 हजार रुपये का ऋण लिया है, जिसे धान बेचकर चुकाना था. अब क्या करूं समझ नहीं आ रहा. अगर धान नहीं खरीदा जा रहा तो सरकार ऋण माफ कर दे– जगन्नाथ कश्यप, किसान
लाखों का कर्ज, लेकिन धान नहीं बिक पा रहा: किसान मोहन बघेल ने बताया कि उन्होंने करीब 3 लाख रुपये का कर्ज लिया है. अब तक सिर्फ 50 क्विंटल धान ही बेच पाए. कई किसान ऐसे हैं जिन्होंने एक दाना भी धान नहीं बेचा. इसीलिए किसान टोकन तिथि बढ़ाने, लिमिट बढ़ाने और सत्यापन वेबसाइट खोलने की मांग कर रहे हैं.
कांग्रेस ने सरकार को घेरा: पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि किसानों को समय पर खाद नहीं मिला, धान खरीदी की लिमिट कम कर दी गई. 31 जनवरी तक ही टोकन बांटे गए. भाजपा ने झूठे वादों के सहारे सत्ता पाई है और अब किसानों का धान न खरीदकर उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा रहा है.






