झारखंड में सवर्ण आयोग की मांग, भाजपा नेता ज्योतिरिश्वर सिंह बने संयोजक

रांचीः बिहार की तरह झारखंड में राज्य सवर्ण आयोग के गठन की मांग तेज हो गई है. इसका बीड़ा उठाया है प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष ज्योतिरिश्वर सिंह ने.
आज गुरुवार को उन्होंने अगड़ी जाति के प्रबुद्धजनों के साथ बैठक कर अपनी मांग को अमली जामा पहनाने के लिए सवर्ण आयोग अधिकार मंच के गठन की घोषणा की और कहा कि इसका विस्तार जिला, प्रखंड से लेकर गांव स्तर पर किया जाएगा. इसके संचालन के लिए हर स्तर पर संयोजक का मनोनयन होगा. आज राज्य स्तर पर उन्हें सवर्ण आयोग अधिकार मंच का संयोजक मनोनित किया गया.
‘अधिकार के लिए सवर्ण समाज का एकजुट होना जरुरी’
भाजपा नेता ज्योतिरिश्वर सिंह ने कहा कि सवर्ण आयोग का गठन समय की मांग है. आज अगड़ी जाति के नौजवान महज 10 हजार की नौकरी के लिए पलायन कर रहे हैं. उनके पास अपनी बातों को रखने के लिए सही मंच नहीं है. वे तकलीफ में हैं. इतिहास गवाह है कि सवर्ण समाज ने हमेशा व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर समाज और राजनीतिक दलों में भूमिका निभाई है.
उन्होंने कहा कि हर जाति और समाज को अपनी बात रखने का हक है. मौजूदा हालात में सवर्ण आयोग का गठन होना बेहद जरुरी है. इस मांग को राजनीति या जातिवाद के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. अगर सवर्ण समाज एकत्रित नहीं होगा तो उसका अधिकार छीना जाता रहेगा. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का हवाला देते हुए कहा कि गरीबी कोई जाति देखकर नहीं आती है.
‘आर्थिक रुप से पिछड़े युवाओं को न्याय की जरुरत’
भाजपा नेता ज्योतिरिश्वर सिंह ने कहा कि सवर्ण आयोग अधिकार मंच का उद्देश्य किसी के हक को छीनने का नहीं है. इस मंच का मकसद किसी तरह का आंदोलन छेड़ने को लेकर नहीं है. आज हर समाज अपने हित की बात कर रहा है. लिहाजा, मकर संक्रांति के अवसर पर भगवान सूर्य के उत्तरायण होने जैसे शुभ अवसर पर मंच के जरिए व्यापक स्तर पर सरकार पर दबाव डाला जाएगा कि झारखंड में भी सवर्ण आयोग का गठन किया जाए. ताकि सवर्ण समाज में आर्थिक रुप से पिछड़ापन झेल रहे युवाओं को न्याय मिल सके.
इस बैठक में झारखंड के पूर्व डीजीपी डीके पांडेय, उत्तर प्रदेश के उद्योगपति बीपी मिश्रा, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बिंदेश्वरी दूबे के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले नागेंद्र कुमार समेत समाज के कई गणमान्य मौजूद रहे.






