एशिया के सबसे गर्म सूर्यकुंड में लगा मकर संक्रांति का मेला, सैकड़ों लोगों ने लगाई डुबकी

हजारीबाग: जिले के बरकट्ठा प्रखंड में एशिया का सबसे गर्म सूर्यकुंड है. यहां मकर संक्रांति के अवसर पर मेले का आयोजन किया गया है. 15 दिवसीय मेले का उद्घाटन स्थानीय विधायक अमित कुमार यादव, स्थानीय जनप्रतिनिधि समेत कई लोगों ने सामूहिक रूप से किया. इस मेले में दूसरे राज्य से भी लोग पहुंचते हैं. देवघर श्रावणी मेला के बाद झारखंड का यह दूसरा सबसे बड़ा मेला होता है. यहां लाखों की संख्या में लोग पहुंचते हैं. मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं ने कुंड में डुबकी लगाकर स्नान किया.
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान विधायक अमित कुमार यादव ने लोगों को मकर संक्रांति की ढेर सारी शुभकामनाएं दीं. साथ ही उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा. यह मेला ऐतिहासिक है, जहां झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों से भी लोग पहुंचते हैं. लोगों को जागरूक होने की जरूरत है. सिर्फ सीसीटीवी ओर सुरक्षाकर्मी के भरोसे नहीं रहना है. मेले की साफ सफाई पर भी ध्यान देने की जरूरत है, ताकि श्रद्धालुओं को कोई समस्या न हो.
यहां लगभग चार बजे सुबह से लोगों का तांता लगा रहा. मान्यता है कि भगवान श्रीराम वनवास के वक्त सुरजकुंड में वास किए थे. माता सीता द्वारा छठ पर्व करने के लिए लक्ष्मण ने अपनी तीर से सुरजकुंड की स्थापना की थी. स्थापना काल से लेकर अनवरत गर्म पानी जलस्त्रोत चल रहा है. वैज्ञानिक धारणा के मुताबिक गंधक की रसायनिक प्रतिक्रिया के चलते पानी गर्म है. लोक आस्था के मुताबिक कुंड में आंवला डालने से संतानोपत्ति की जानकारी प्राप्त होती है.






