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उत्तरप्रदेश

पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी! अगले दो दिन फ्री रहेगा ताजमहल का दीदार, कव्वाली और चादरपोशी की दिखेगी रौनक

सात अजूबों में से एक ताजमहल में मुगल बादशाह शाहजहां का 371वां सालाना उर्स गुरुवार से धार्मिक रस्मों और भारी उत्साह के साथ शुरू हो गया. उर्स के उपलक्ष्य में स्मारक में पर्यटकों का प्रवेश नि:शुल्क कर दिया गया. यानि एंट्री बिल्कुल फ्री. इसके चलते पहले ही दिन करीब 60 हजार पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा. सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए एएसआई (ASI), ताज सुरक्षा पुलिस और सीआईएसएफ (CISF) को दिनभर कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.

सालाना उर्स साल का वह इकलौता समय होता है जब ताजमहल के मुख्य गुंबद के नीचे स्थित शाहजहां और मुमताज की असली कब्रों वाले तहखाने को आम जनता के लिए खोला जाता है. गुरुवार को हजारों की संख्या में देशी-विदेशी सैलानियों ने इन असली कब्रों का दीदार किया. नि:शुल्क प्रवेश के कारण सुबह से ही स्मारक के बाहर लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं.

उर्स का कार्यक्रम और रस्में

शाहजहां का यह 371वां उर्स तीन दिनों तक यानी 17 जनवरी तक चलेगा. पहले दिन (गुरुवार) को ‘गुस्ल’ की रस्म अदा की गई. इसके बाद एएसआई अधिकारियों और उर्स कमेटी के सदस्यों ने मिलकर फल और फूलों की चादर चढ़ाई. दूसरे दिन (शुक्रवार) को शुक्रवार को ‘संदल’ की रस्म निभाई जाएगी और शाम को कव्वाली का आयोजन होगा. फिर तीसरे दिन (शनिवार) भव्य ‘चादरपोशी’ होगी, जिसमें रिकॉर्ड 1,720 मीटर लंबी सतरंगी चादर चढ़ाई जाएगी. इसके बाद लंगर वितरित किया जाएगा.

सुरक्षा के बीच अव्यवस्था और बिछड़े लोग

भारी भीड़ के कारण ताजमहल परिसर में कई जगह अव्यवस्थाएं भी देखने को मिलीं. नि:शुल्क प्रवेश का लाभ उठाने आए कई पर्यटकों ने नियमों की अनदेखी करते हुए मुख्य गुंबद के बाहर ही जूते-चप्पल उतार दिए, जबकि उद्यान क्षेत्र में भी लोगों की अनियंत्रित चहलकदमी देखी गई.

भीड़ का आलम यह था कि करीब तीन दर्जन लोग (बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग) अपने परिजनों से बिछड़ गए. हालांकि, ताज सुरक्षा पुलिस और सीआईएसएफ के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए बिछड़े हुए लोगों को खोजा और उन्हें उनके परिवारों से मिलवाया.

शुक्रवार के लिए जरूरी जानकारी

आज (शुक्रवार) होने के कारण ताजमहल की व्यवस्था में थोड़ा बदलाव रहेगा. सुबह से दोपहर 2:00 बजे तक: स्मारक आम पर्यटकों के लिए बंद रहेगा. दोपहर 2:00 बजे के बाद: प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क (फ्री एंट्री) होगा और लोग असली कब्रों को देख सकेंगे. स्थानीय नमाजी: हर शुक्रवार की तरह नमाजियों के लिए प्रवेश की व्यवस्था पूर्व की तरह ही सामान्य रहेगी. उर्स के अगले दो दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं.

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