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“इंदौर में राहुल गांधी बनाम प्रशासन! दूषित पेयजल पीड़ितों के सम्मेलन को मंजूरी नहीं, क्या अब सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस?

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल प्रकरण का मामला गरमाया हुआ है. इस पूरे प्रकरण को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस बीजेपी सरकार पर लगातार हमले कर रही है. इस बीच शुक्रवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बताया कि लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को शहर के पीड़ित परिवारों और मरीजों से मुलाकात करेंगे. लेकिन प्रशासन ने कांग्रेस द्वारा किए जा रहे सम्मेलन की अनुमति से इनकार कर दिया है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ से 10 मरीजों की हालत बेहद गंभीर है. उन्होंने कहा कि गांधी शनिवार को इंदौर पहुंचकर निजी क्षेत्र के बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे और उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हाल जानेंगे. इस दौरान राहुल भागीरथपुरा भी पहुंचेंगे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करके उनके प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त करेंगे.

प्रदेश का 70 प्रतिशत पानी दूषित

जीतू पटवारी ने कहा, “हम दूषित पेयजल की समस्या के समाधान पर सकारात्मक चर्चा के लिए गांधी की मौजूदगी में बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदों और राज्य भर के नगर निगम पार्षदों का एक सम्मेलन आयोजित करना चाहते थे, लेकिन हमें प्रशासन ने इस आयोजन की अनुमति नहीं दी. इसलिए हम बाद में यह सम्मेलन आयोजित करेंगे.” पटवारी ने दावा किया कि पूरे प्रदेश में 70 प्रतिशत पानी दूषित होने के कारण पीने योग्य नहीं है. उन्होंने इंदौर के पानी को ‘धीमा जहर’ करार देते हुए दावा किया कि इससे लोगों की किडनी और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है.

सवाल उठाने पर मंत्री विपक्ष को दे रहे गाली

पटवारी ने संस्कृत की मशहूर कहावत ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’ का हवाला देते हुए प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘इंदौर में दूषित पेयजल से कई लोगों की मौत के बावजूद राज्य के मंत्री भव्य आयोजनों में व्यस्त हैं और वे हमें गालियां देकर कह रहे हैं कि हम इस घटना को लेकर सवाल क्यों उठा रहे हैं?’ बता दें कि राहुल गांधी 17 जनवरी को सुबह सवा 11 बजे इंदौर पहुंचेंगे और दोपहर दो बजे तक रहेंगे. इस दौरान उनका भागीरथपुरा के पीड़ितों से मुलाकात, मृतकों के परिजनों से चर्चा और अस्पताल में पीड़ितों से भी मुलाकात प्रस्तावित है.

क्या है पूरा मामला? मौत के आंकड़ों पर चल रहा खेल

शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था. स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप में अब तक 24 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है. मृतकों के आंकड़े को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में बृहस्पतिवार को पेश स्थिति रिपोर्ट में भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया है. इस बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति के किए गए ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत इस प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है.

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