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बिहार

विराट रामायण मंदिर में दुनिया के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना! मुस्लिम परिवारों ने दान की थी जमीन, पेश की कौमी एकता की मिसाल

बिहार के पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर प्रखंड इष्ठित कैथवलिया में आज विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना हो गई. दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना विराट रामायण मंदिर में की गई. शिवलिंग की ऊंचाई 33 फिट और गोलाई भी 33 फिट है. वहीं इस विशालकाय शिवलिंग का वजन 200 मीट्रिक टन है. शिवलिंग की स्थापना के लिए कंबोडिया से विशेष प्रकार के फूल मगाए गए थे और हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी गई .

इस मंदिर में कुल शिखर की संख्या 12 होगी और मंदिरों की संख्या 22 होगी. सबसे ऊंचा शिखर 270 फिट का होगा. इस मंदिर का क्षेत्रफल 120 एकड़ है. इस मौके पर सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा, सम्राट चौधरी सहित कई मंत्री मौजूद रहे. इसके अलावा कई मठ मंदिरों से आए साधु-संत भी स्थापना के साक्षी बनें. शिवलिंग की स्थापना से हिंदुओं के साथ मुस्लिम समुदाय में भी खुशी की लहर है. मंदिर निर्माण के लिए मुस्लिम समुदाय ने भी अपने जमानें दान में दी हैं.

चारों तरफ उत्साह का माहौल रहा. कोई शिव का वेशभूषा धारण कर भक्तों का मन मोह रहा तो कोई शिव का गण बनकर. पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर के सचिव सायन कुणाल ने कहा की शिवलिंग की स्थापना के लिए हरिद्वार और पटना से विशेष आचार्य और पुरोहित बुलाए गए हैं. विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शिवलिंग की पूजा की गई.

आज के दिन क्यों की गई स्थापना?

मंदिर सचिव ने बताया कि आज का दिन 17 जनवरी की तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है, क्योंकि मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव लिंग स्वरूप में प्रकट हुए. तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में बीते 10 साल से विशाल शिवलिंग का निर्माण किया जा रहा था. शिवलिंग के मुख्य शिल्पकार लोकनाथ हैं, उनकी टीम ने इसे तराशा है.

5 जनवरी को मोतिहारी पहुंचा था शिवलिंग

विश्व के सबसे बड़ा शिवलिंग सड़क मार्ग से 23 नवंबर 2025 को महाबलीपुरम से बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर कैथवलिया के लिए रवाना किया गया था. शिवलिंग सही 5 जनवरी 2026 की रात्रि 10 बजे अपने पवित्र स्थान पर पहुंच था. शिवलिंग की एक झलक पाने के लिए रोज हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ रही है. वहीं, दूसरी तरफ इस गांव में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोग भी खुश हैं. उन्होंने इस मंदिर के लिए भूमिदान किया है.

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