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मुर्शिदाबाद में हिंसा: सोची-समझी साजिश या अचानक भड़का गुस्सा? चुनाव से पहले सुलगा बंगाल, दांव पर लगी दिग्गजों की साख

पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में हुए हिंसा से राज्य की सियासत गरमा गई है. हिंसा की शुरुआत शुक्रवार को झारखंड में मुर्शिदाबाद के एक प्रवासी मजदूर अलाउद्दीन की हत्या को लेकर विरोध प्रदर्शन से शुरू हुई. प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा और मीडिया और पुलिस पर हमले किये गए. पुलिस ने लाठीचार्ज किया और करीब 30 लोग घायल हो गये. बाद में पुलिस ने इस मामले में 30 लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन हिंसा के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है.

बेलडांगा में हिंसा पर सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ लोग पॉलिटिकल मकसद से हिंसा को सपोर्ट कर रहे हैं. उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे किसी के भड़काने में न आएं.

उन्होंने कहा कि माइनॉरिटीज का गुस्सा नैचुरल है, लेकिन हर एक के खिलाफ FIR फाइल की गई है. हम उन्हें अरेस्ट भी करेंगे. जो हो रहा है वह गलत है और यह बीजेपी शासित राज्यों में हो रहा है तो बीजेपी बंगाल में कैसे कह सकती है कि हमें वोट दो? क्या बीजेपी-शासित राज्यों में बंगाली में बोलना ज़ुल्म है?

गद्दारों ने भड़काई हिंसा… अभिषेक बनर्जी ने साधा निशाना

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को मुर्शिदाबाद में हिंसा के लिए हुमायूं कबीर का नाम लिए बिना उन पर हमला बोला. अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बेलडांगा में अशांति सीधे तौर पर ‘गद्दारों’ ने भड़काई है.

अभिषेक बनर्जी ने कहा, “मुझे पता चला कि बीजेपी के बाबू बेलडांगा में अशांति फैला रहे हैं. इस धरती पर एक और गद्दार पैदा हो गया है. इसमें उसका भी सीधा सपोर्ट है. मुर्शिदाबाद को इन गद्दारों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए. हमें उन लोगों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए जो बांटने वाली राजनीति के बीज बो रहे हैं, लोगों को लोगों के खिलाफ खड़ा कर रहे हैं.”

राज्यपाल कार्रवाई करें… शुभेंदु अधिकार ने की मांग

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने मुर्शिदाबाद में हिंसा पर कहा कि मैं मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में चल रही सांप्रदायिक हिंसा से बहुत चिंतित और गुस्से में हूं, जहां बेगुनाह हिंदू परिवारों को उनके घरों, दुकानों और पूजा की जगहों पर टारगेटेड हमलों का सामना करना पड़ रहा है.

उन्होंने कहा कि पिछले 48 घंटों में, दंगाइयों ने आतंक फैलाया है, प्रॉपर्टी में तोड़फोड़ की है और पत्रकारों पर भी हमला किया है जो सिर्फ सच बता रहे थे. यह डेमोक्रेसी और कानून के राज पर सीधा हमला है. मुझे सबसे ज़्यादा हैरानी राज्य प्रशासन की पूरी तरह से निष्क्रियता से हुई है.

उन्होंने राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने शांति बहाल करने और लोगों की जान बचाने के लिए तुरंत रोक लगाने के आदेश और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की अपील की है. उन्होंने कहा कि मैं माननीय गवर्नर से बिना किसी हिचकिचाहट के दखल देने और राज्य को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश देने का आग्रह करता हूं.

अधीर और कबीर ने भी उठाए सवाल

बेलडांगा में भड़की हिंसा पर टीएमसी के पूर्व विधायक और जेयूपी चेयरमैन हुमायूं कबीर ने कहा कि आम आदमी को प्रशासन पर भरोसा रखना चाहिए. कुछ लोगों ने फिर से सड़कें ब्लॉक कर दी हैं. मैं उनसे मिला भी और उन्हें समझने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी.

बेलडांगा में भड़की हिंसा पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार यह समझने की कोशिश नहीं कर रही है कि लोगों में इतना गुस्सा क्यों है? प्रवासी मजदूरों पर लगातार हमले क्यों हो रहे हैं?…कोई भी उनकी शिकायतें सुनने को तैयार नहीं है.

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