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Mumbai Mayor Election: मुंबई में फिर ‘खेला’! शिवसेना (UBT) और भाजपा आए साथ? शिंदे गुट की बढ़ी टेंशन, जानें नया गणित

महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में चुनावों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. बीएमसी के मेयर पद को लेकर महायुति की सहयोगी पार्टियों भाजपा और शिवसेना (शिंदे) में खींचतान जारी है. इस बीच, मेयर चुनाव को लेकर बड़ा ट्विस्ट आया है. शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि यदि बीएमसी में भाजपा का मेयर बना तो उनके नगरसेवक चुनाव वोटिंग से दूर रहेंगे. वहीं, शिंदे गुट के पार्षदों को होटल में रखने के बाद अब भाजपा ने अपने पार्षदों को अगले 10 दिनों तक मुंबई से बाहर नहीं जाने का निर्देश दिया है.

बता दें कि राज्य की निगाहें मुंबई नगर निगम चुनावों पर टिकी हैं. मुंबई नगर निगम में भी भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. भाजपा के 89 और शिवसेना शिंदे समूह के 29 उम्मीदवार गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में चुने गए हैं और मेयर पद को लेकर दोनों ही पार्टियों में खींचतान जारी है.

मेयर चुनाव को लेकर उद्धव ठाकरे की धमकी

उद्धव ठाकरे ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि आज भी हमारी यही इच्छा है कि हमारा मेयर बने. सूत्रों के मुताबिक उद्धव गुट ने फैसला किया है कि अगर बीजेपी का मेयर बना तो उनके जीते हुए नगरसेवक वोटिंग से दूर रहेंगे. उद्धव ठाकरे का यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यदि उद्धव के पार्षद मतदान से दूर रहे तो भाजपा के लिए मेयर चुनना आसान हो जाएगा.

कल ही उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने सीएम देवेंद्र फडणवीस की बड़ी तारीफ की थी और शिंदे गुट के नगरसेवकों को होटल में रखे जाने पर सवाल उठाते हुए कहा था कि नगरसेवकों को कैद में रखा गया है. इस आरोप के बाद राज्य की सियासत गरमा गई थी और शिंदे गुट ने शिवसेना (यूबीटी) पर पलटवार किया था.

भाजपा और शिवसेना शिंदे समूह ने इस चुनाव में संयुक्त रूप से चुनाव लड़ा था. हालांकि मुंबई नगर निगम के मेयर को लेकर शिंदे ने एक बड़ी शर्त रखी है. इसी पृष्ठभूमि में, एकनाथ शिंदे ने अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को होटल में ठहराने का फैसला किया है. शिंदे के पार्षद ताज लैंड होटल में ठहरे हुए हैं. शिंदे की मांग है कि हम ढाई साल से महापौर पद चाहते थे.

होटल में रखे गए हैं शिंदे गुट के पार्षद

रविवार को एकनाथ शिंदे ने इन पार्षदों से बातचीत की. पार्षद के रूप में क्या कार्य करना चाहिए? एकनाथ शिंदे ने पार्षदों को नागरिकों से व्यवहार करने और नगर निगम में काम करने के तरीकों के बारे में जानकारी दी. मुलाकात के बाद शिंदे ने कहा कि हमारे सभी पार्षद यहां मौजूद हैं. मैंने उनसे बातचीत भी की है. हमें कोई डर नहीं है. पार्षद अपने महापौरों से जुड़े हैं. एकनाथ शिंदे ने उन्हें चेतावनी दी है कि उन्हें अपने महापौरों का ध्यान रखना चाहिए.

मुंबई के मेयर का फैसला होने तक ये पार्षद होटल में ही रुकेंगे. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दावोस गए हुए हैं. वे पांच दिन बाद लौटेंगे. उसके बाद भाजपा के मेयर उम्मीदवार का चयन होगा. उसके बाद चुनाव होंगे. इसलिए कहा जा रहा है कि शिंदे समूह के 29 पार्षदों को होटल में ही रुकना पड़ेगा.

अगले 10 दिनों तक मुंबई नहीं छोड़ेंगे बीजेपी के पार्षद

इस बीच, शिवसेना के सभी 29 पार्षदों को मुंबई के होटल में शिफ्ट करने के बाद अब बीजेपी ने अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को अगले 10 दिनों तक मुंबई के बाहर नहीं जाने का आदेश दिया है. साथ ही कहा गया है कि अगर किसी आपात स्थिति की वजह से शहर के बाहर जाना जरूरी हो तो पहले इसकी सूचना पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दी जाए.

दरअसल बीएमसी के नए मेयर चुनाव में करीब 8-10 दिन लग सकते हैं. 227 की बीएमसी में मेयर पद के लिए 114 पार्षदों की जरूरत है.

महायुति के पास बहुमत से सिर्फ 4 वोट ज्यादा यानी कुल 118 पार्षद हैं. इसलिए अहतियात बरतते हुए बीजेपी मेयर का चुनाव होने तक सभी पार्षदों को मुंबई में ही रखना चाहती है.

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