खैरागढ़ में सिस्टम की लापरवाही ने ली जान! निर्माणाधीन पुल की वजह से 20 साल के युवक की मौत, परिजनों का फूटा गुस्सा

खैरागढ़: जिले में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. निर्माणाधीन पुल के पास हुई इस दुर्घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई. मृतक की पहचान ग्राम टेकापार खुर्द निवासी 20 वर्षीय रितिक यादव के रूप में हुई है. इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त है.
निर्माणाधीन पुल से टकराने से हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार रितिक यादव देर रात खैरागढ़ से अपने गांव टेकापार खुर्द बाइक क्रमांक सीजी शून्य आठ एफ चार पांच नौ शून्य से लौट रहा था. जैसे ही वह माइन स्टोन स्कूल के सामने स्थित निर्माणाधीन पुल के पास पहुंचा, अचानक उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई और वह सीधे निर्माणाधीन पुल से जा टकराया.
एक्सीडेंट के बाद मौके पर ही मौत
टक्कर इतनी भीषण थी कि रितिक को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया. बताया जा रहा है कि घटना के समय पुल के आसपास न तो कोई चेतावनी संकेतक लगे थे और न ही पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था थी, जिससे चालक को आगे खतरे का अंदाजा नहीं हो सका.
सुबह मजदूरों ने देखा शव
घटना के समय मौके पर कोई मौजूद नहीं था. सुबह जब पुल निर्माण कार्य के लिए मजदूर पहुंचे, तब उन्होंने युवक का शव देखा. इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए खैरागढ़ सिविल अस्पताल भेजा गया. खैरागढ़ थाना प्रभारी अनिल शर्मा ने बताया कि शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है. आगे की कार्रवाई जारी है.
परिवार का छिना सहारा, जवान बेटे की मौत
परिजनों के अनुसार मृतक के माता पिता रोजी रोटी के सिलसिले में बाहर गए हुए थे. रितिक अपने छोटे भाई और बहन के साथ घर पर रहता था. अचानक हुई इस दर्दनाक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजन बदहवास हालत में हैं.
स्थानीय लोगों में नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल लंबे समय से निर्माणाधीन है, लेकिन वहां न तो सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और न ही किसी प्रकार के चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं. इससे पहले भी यहां हादसों की आशंका जताई जा चुकी थी, लेकिन प्रशासन और निर्माण एजेंसी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया.
यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि प्रशासन के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि विकास कार्यों में की गई लापरवाही कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, वहीं क्षेत्रवासियों ने निर्माणाधीन पुल पर सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है. अब देखना यह होगा कि इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन सबक लेता है या फिर ऐसे निर्माणाधीन ढांचे आगे भी जानलेवा बने रहेंगे.






