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बिहार

मोतिहारी में चीनी मिल का भविष्य अधर में: सीएम ने किया वादा, डीएम ने बेची जमीन; अब कहां लगेगी फैक्ट्री?

बिहार के मोतिहारी जिला अंतर्गत चकिया चीनी मिल खोले जाने का ऐलान हाल ही में सीएम नीतीश कुमार ने किया था. समृद्धि यात्रा के दौरान मोतिहारी के गांधी मैदान में सीएम ने जिस वक्त भरी सभा में चीनी मिल चालू करने का ऐलान किया था. वहीं इससे पहले ही डीएम ने जमीन बेचने का आदेश दे दिया था. अब ऐसे में सवाल यह उठा रखा है कि आखिर चीनी मिल कहां खुलेगी?

सीएम 17 जनवरी को मोतिहारी में समृद्धि यात्रा के दौरान आए थे, जहां उन्होंने जिला के अधिकारियों के साथ ही बिहार सरकार के तमाम विभागों के प्रधान सचिव सहित मुख्य सचिव के साथ समीक्षा बैठक की थी. बैठक के बाद उन्होंने बिहार में बंद पड़े चीनी मिलों को फिर से चालू करने का निर्णय लिया था. यह फैलसा नई सरकार के कैबिनेट बैठक में भी किया गया था.

सीएम ने की थी घोषणा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मोतिहारी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में ऐलान किया था कि पूर्वी चंपारण में बंद पड़ी मोतिहारी और चकिया चीनी मिल को किसानों के हित में फिर से चालू किया जाएगा, लेकिन यह सिर्फ हवा हवाई साबित हो रही है. मोतिहारी में सूबे के मुख्यमंत्री की घोषणा का कितना अमल हो रहा है, जब इसकी हकीकत जानने की कोशिश की तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई.

घोषणा से पहले जारी हुआ जमीन बेचने का आदेश

जब 17 जनवरी को मुख्यमंत्री मोतिहारी के ऐतिहासिक गांधी मैदान से बंद पड़ी चीनी मिल को खोलने की घोषणा कर रहे थे. ठीक उसके पहले चकिया चीनी मिल की जमीन को बेचने का आदेश जारी किया गया था. जिला निबंधन कार्यालय में 14 जनवरी को ही चकिया चीनी मिल की जमीन कई लोगों के नाम बिक गई. मोतिहारी के जिलाधिकारी ने अपने न्यायालय में चल रहे भू हदबंदी 1/ 2018 में मई महीने में ही चकिया चीनी मिल की जमीन को बेचने का आदेश दे दिया था. मसलन चीनी मिल खोलने के सीएम के ऐलान से पहले चीनी मिल की जमीन बिक चुकी थी.

कहां खुलेगी चीनी मिल?

मोतिहारी जिलाधिकारी ने साफ तौर पर मुख्यमंत्री के घोषणा पर ही ग्रहण लगाते हुए अपने आदेश से यह साबित कर दिया है की चकिया चीनी मिल दोबारा नहीं खुल सकती. डीएम के आदेश के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि जब चकिया चीनी मिल की जमीन बेचने का आदेश मोतिहारी जिलाधिकारी दे चुके थे और मुख्यमंत्री के आने के तीन दिन पहले ही चीनी मिल की जमीन बिकनी शुरू भी हो गई थी तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह सच क्यों नहीं बताया गया.

अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि सीएम के द्वारा बंद चकिया चीनी मिल को चालू करने की घोषणा के बाद क्या मोतिहारी के जिलाधिकारी चकिया चीनी मिल की जमीन बेचने वाली अपने आदेश पर रोक लगाते हैं. पुनर्विचार करते हैं या नहीं. चीनी मिल अब कहां खुलेगी इस बात को लेकर भी जिले में चर्चा हो रही है.

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