पंचतत्व में विलीन हुए ऋषि कपूर, रणबीर-आलिया समेत 24 लोगों ने दी आखिरी विदाई

मुंबई। Rishi Kapoor Death: बॉलीवुड एक्टर ऋषि कपूर ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। गुरुवार सुबह 8:45 बजे मुंबई के एच.एन रिलायंस हॉस्पिटल में उन्होंने आखिरी सांस ली। आखिरी वक्त में उनके साथ उनकी पत्नी नीतू कपूर मौजूद रहीं। उनका अंतिम संस्कार शाम 4:15 बजे चंदनवाणी शवदाह गृह में किया गया। इसमें अलिया भट्ट और रणबीर कपूर समेत 24 लोग शामिल हुए। लॉकडाउन की वजह से उनकी बेटी रिद्धिमा नहीं पहुंच पाईं।
पंचतत्व में विलीन हुए ऋषि कपूर
ऋषि कपूर का अंतिम संस्कार चंदनवाड़ी स्थित शवदाह गृह में हुआ। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कुल 24 लोगों को मुंबई पुलिस ने इजाज़त दी। 19 लोग परिवार के और 5 लोग करीबी शामिल हुए। इनमें ऋषि की बहन रीमा जैन, जीजा मनोज जैन, पत्नी नीतू कपूर, अरमान जैन, आदर जैन, अनीषा जैन, रणधीर कपूर, राजीव कपूर, विमल पारीख, रोहित धवन, जयराम, आलिया, भट्ट, रणबीर कपूर, करीना कपूर, सैफ़ अली ख़ान और अभिषेक बच्चन शामिल हुए। रिद्धिमा ने चार्टर्ड प्लेन से आने की कोशिश की थी, मगर डीजीसीए से अनुमति नहीं मिली।
हॉस्पिटल में मौजूद रहे करीना और आलिया
ऋषि कपूर के निधन के बाद परिवार वाले धीरे-धीरे हॉस्पिटल पहुंचे। करीना कपूर अपने पति सैफ़ अली ख़ान के साथ हॉस्पिटल पहुंचींं। इसके अलावा रणबीर कपूर की गर्लफ्रेंड आलिया भट्ट हॉस्पिटल पहुंचीं। वहीं, परिवार ऋषि कपूर की बेटी रिद्धिमा कपूर का भी इंतज़ार कर रहा था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से वह उनका अंतिम दर्शन नहीं कर सकीं।
परिवार ने कहा- हंसते हुए चल गए ऋषि कपूर
ऋषि कपूर के परिवार की ओर से उनके निधन की आधिकारिक सूचना भी दी गई। ऑफ़िशियल स्टेटमेंट के मुताबिक, ऋषि कपूर ने गुरुवार को सुबह 8:45 बजे पर इस दुनिया को अलविदा कहा। इसमें बताया गया कि ऋषि कपूर पिछले दो साल से leukemia से पीड़ित थे। उन्होंने हंंसते हुए और लोगों को हंसाते हुए इस दुनिया का साथ छोड़ा। इस बयान में लॉकडाउन की वजह से भीड़ इकट्ठा ना होने की भी बात कही गई। लोगों से अपील की गई है कि वह नियम का पालन करें, जो इस वक्त लागू हैं।
बुधावार हुई तबीयत ख़राब
बुधवार को एक्टर की तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में एडमिट करवाया गया। उनका इलाज़ मुंबई के एच.एन रिलायंस हॉस्पिटल में चल रहा था। भाई रणधीर कपूर ने इस खबर को कन्फर्म किया था कि ऋषि कपूर की तबीयत ठीक नहीं है। अब इसी हॉस्पिटल में उन्होंने आखिरी सांस ली।
सांस लेने में थी दिक्कत
ऋषि कपूर को सांस लेने में दिक्कत थी। ऋषि कपूर पिछले साल सितंबर में ही न्यूयॉर्क में लगभग एक साल कैंसर का इलाज करवाने के बाद भारत लौटे थे। उन्हें साल 2018 में पता चला था कि वह कैंसर से पीड़ित हैं। इसके बाद वह अपने इलाज़ के लिए न्यूयॉर्क गए थे। उनके आखिर वक्त में उनकी पत्नी नीतू कपूर उनके साथ ही रहीं।
दिल्ली से घर आना चाहती थीं बेटी रिद्धिमा
ऋषि कपूर की बेटी रिद्धिमा कपूर दिल्ली में हैं। पिता की तबीयत ख़राब होने की जानकारी मिलते ही, उन्होंने सरकार से दिल्ली से मुंबई तक की यात्रा की इजाजत मांगी। उन्हें इज़ाजत मिली, लेकिन वह समय रहते मुंबई नहीं पहुंच सकीं।
ऋषि कपूर का आखिरी ट्वीट
ऋषि कपूर जाते-जाते अपने आखिरी ट्वीट में लोगों से एक साथ रहने की अपील कर गए। उन्होंने कोरोना वायरस योद्धाओं पर हो रहे हमले की निंदा की और लोगों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस युद्ध को एक साथ जीतना होगा।
An appeal
to all brothers and sisters from all social status and faiths. Please don’t resort to violence,stone throwing or lynching. Doctors,Nurses,Medics, Policemen etc..are endangering their lives to save you. We have to win this Coronavirus war together. Please. Jai Hind!
शोक की लहर
ऋषि कपूर के निधन के बाद से चारों तरफ शोक की लहर दौड़ गई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सवंदेना व्यक्त करते हुए कहा है कि ऋषि कपूर का आकस्मिक निधन चौंकाने वाला है। वह न केवल एक महान अभिनेता थे, बल्कि एक अच्छे इंसान भी थे। उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदना है। इसके अलावा कई और फ़िल्म अभिनेताओं और एक्टर्स ने अपनी संवेदना व्यक्त की है।
बेस्ट एक्टर से लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड तक (Rishi Kapoor’s Life)
आपको बता दें कि ऋषि कपूर का जन्म 4 सितम्बर, 1952 को मुंबई के चेंबूर में हुआ। ऋषि कपूर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई कैंपियन स्कूल, मुंबई से की। इसके बाद वह अजमेर के मेयो कॉलेज से आगे की पढ़ाई की। बतौर बाल कलाकर उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की। वह फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ में नज़र आए। बतौर लीड एक्टर बॉबी उनकी पहली फ़िल्म थी। इस फ़िल्म को राज कपूर ने निर्देशित किया था। जिसके लिए उन्हें 1974 में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार मिला। वहीं, साल 2008 में ऋषि कपूर को फिल्म फेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से भी नवाजा गया। ऋषि ने अपने फ़िल्मी करियर में कई शानदार फ़िल्में कीं। गौरतलब है कि ऋषि कपूर के पिता राज कपूर और दादा पृथ्वीराज कपूर भी कला की इस दुनिया में सक्रिय रहे। ऋषि के बटे रणबीर कपूर इस वक्त बॉलीवुड में सक्रिय हैं। ऋषि कपूर ने अपने जीवन के ऊपर एक आत्मकथा भी लिखी। ‘खुल्लम खुल्ला ऋषि कपूर अन्सेन्सर्ड’। इसमें उन्होंने अपनी लाइफ़ से जुड़े हर पहलू के बारे में बताया। दाऊद से मुलकात, पत्नी से प्यार और अवॉर्ड्स शो के बारे में।




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