Singrauli Mine Collapse: सिंगरौली में बड़ा हादसा, मिट्टी की खदान धंसने से 3 लोगों की मौत, 2 की हालत गंभीर

मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के ग्रामीण इलाके से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. इस हादसे में दो नाबालिगों सहित तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. जियावन थाना क्षेत्र के परसोहर गांव में छुई (पोतने वाली मिट्टी) निकालने के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई. इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं. मृतकों में दो नाबालिग बच्चियां भी शामिल हैं.
अचानक धंस गई मिट्टी
मिट्टी धंसने की आवाज और महिलाओं-बच्चियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के गांव वाले तुरंत मौके पर पहुंचे. बिना समय गंवाए गांव वालों ने हाथों और औजारों की मदद से मिट्टी हटाकर लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया. साथ ही गांव के सरपंच और पुलिस को घटना की सूचना दी गई. खबर मिलते ही चौकी कुंदवार और जियावन थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य को अपने हाथ में लिया.
दो बच्चियों सहित तीन की मौत
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया और जेसीबी मशीन मंगवाई गई. पुलिस और गांव वालों की कड़ी मशक्कत के बाद मिट्टी में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला गया. रेस्क्यू के दौरान दो महिलाएं बेहोशी की हालत में मिलीं, जिन्हें तत्काल एम्बुलेंस से नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है. वहीं, इस हादसे में जिन तीन लोगों की मौत हुई, उनमें 10 वर्षीय प्रीति सिंह, 16 वर्षीय बसंती और 50 वर्षीय फूलमती यादव का नाम शामिल हैं.
इलाके में पसरा मातम
दोनों बच्चियां हरहवा गांव की रहने वाली थी, जबिक अन्य महिला बंधा गांव की थी. घायल महिलाओं की पहचान कौशल्या सिंह (50 वर्ष) निवासी ग्राम परसोहर और सकमुनि सिंह (45 वर्ष) निवासी ग्राम चंद्रेह के रूप में हुई है. वही घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस ने मृतकों के शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
हादसे के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और यह भी देखा जा रहा है कि छुई खदान में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अवैध और असुरक्षित खदानों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसी और परिवार को ऐसा दर्द न सहना पड़े.






