Raipur News: आवारा जानवर, पिटबुल का खौफ और बूंद-बूंद को तरसते लोग; दीप्ति प्रमोद दुबे ने कमिश्नर को घेरा

रायपुर: शहर में आवारा जानवरों के बढ़ते आतंक, उद्यानों में हो रहे हमलों, प्रतिबंधित पिटबुल डॉग से बढ़ते डॉग-बाइट मामलों, कई वार्डों में शुरू हो चुके भीषण पेयजल संकट, सफाई व्यवस्था की बदहाली और मच्छरों के प्रकोप को लेकर कांग्रेस की महापौर प्रत्याशी रही दीप्ति प्रमोद दुबे और महिला पार्षदों ने नगर निगम आयुक्त विश्वदीप को ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने साफ चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों में हालात नहीं सुधरे तो निगम में जनता के साथ बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा.
“उद्यानों में वॉक करना हुआ जानलेवा, गाय-सांड और कुत्तों का जमावड़ा”
ऑक्सीजोन, गांधी उद्यान, अनुपम गार्डन समेत शहर के प्रमुख उद्यानों और सार्वजनिक स्थलों पर गाय, सांड और कुत्तों के भारी जमावड़े से मॉर्निंग और इवनिंग वॉक करने वालों पर लगातार हमले हो रहे हैं. लोगों में भय का माहौल है और उद्यानों में जाना दूभर हो गया है. दीप्ति प्रमोद दुबे और महिला पार्षदों ने मांग की कि इन उद्यानों में तत्काल गार्ड की स्थायी व्यवस्था की जाए और जानवरों को वहां से हटाया जाए.
“प्रतिबंध के बावजूद पिटबुल शहर में, डिलीवरी बॉय और आम लोग बन रहे शिकार”
ज्ञापन में बताया गया कि पिटबुल डॉग पर प्रतिबंध होने के बावजूद रायपुर में कई लोग इसे खुलेआम पाल रहे हैं. इनके हमलों से कई डिलीवरी बॉय और आम लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं. दीप्ति प्रमोद दुबे ने सवाल उठाया कि निगम के नोटिस से क्या इन पर लगाम लगेगी? उन्होंने मांग की कि जिन लोगों को पिटबुल ने काटा है, उन्हें सरकार मुआवजा दे. पिटबुल के मालिकों पर नगर निगम FIR दर्ज कराए.
“गर्मी शुरू होने से पहले ही सूखे नल, कई वार्डों में जल संकट”
ब्राह्मणपारा, सदर बाजार, रविशंकर शुक्ल वार्ड, कचना सहित कई इलाकों में अभी से पेयजल की गंभीर समस्या शुरू हो चुकी है. जबकि निगम दावा कर रहा है कि पर्याप्त पानी सप्लाई हो रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है. दीप्ति प्रमोद दुबे ने कहा कि जल बोर्ड बनने के बावजूद धरातल पर कोई असर नहीं दिख रहा और तत्काल इन इलाकों में वैकल्पिक व्यवस्था कर पानी पहुंचाया जाए.
“144 करोड़ खर्च, फिर भी न मुक्कड़ कम हुए न सफाई सुधरी”
वार्डों में आवारा मवेशियों (मुक्कड़ों) की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. करीब 144 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद न तो मुक्कड़ कम हुए हैं और न ही सफाई व्यवस्था में कोई सुधार आया है.आरोप है कि अधिकारी केवल औपचारिकता निभाते हुए ठेकेदारों पर 10-20 हजार का जुर्माना लगाकर खानापूर्ति कर रहे हैं.
“मच्छरों का कहर, छत पर बैठना मतलब बीमारी को न्योता”
शहर में मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि शाम को घर की छत पर बैठना भी मलेरिया और डेंगू को न्योता देने जैसा हो गया है, लेकिन मच्छर उन्मूलन अभियान केवल कागजों तक सीमित है.
“आयुक्त ने माना मामला गंभीर, दीप्ति दुबे ने दिया 15 दिन का अल्टीमेटम”
नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने सभी मांगों को गंभीरता से लेने और कार्रवाई का आश्वासन दिया है. वहीं दीप्ति प्रमोद दुबे ने साफ कहा है “अगर 15 दिनों के भीतर हालात नहीं सुधरे तो कांग्रेस जनता को लेकर नगर निगम में जोरदार प्रदर्शन करेगी.”






