Balodabazar Police: बलौदाबाजार पुलिस का ‘समाधान अभियान’ सफल, रिकवर किए 63 लाख के मोबाइल; चेहरों पर लौटी मुस्कान

बलौदाबाजार : बलौदाबाजार पुलिस ने समाधान अभियान चलाकर गुमे हुए 417 मोबाइल को ढूंढकर उनके मालिकों को वापस लौटाया.गुम हुए मोबाइल की कीमत 63 लाख रुपए बताई जा रही है. मोबाइल वापस पाकर वे लोग भावुक नजर आए, जिन्होंने अपने फोन मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी. यह अभियान न केवल पुलिस की तकनीकी दक्षता और समर्पण को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि यदि शिकायतों पर गंभीरता से काम किया जाए, तो आम जनता का विश्वास और मजबूत हो सकता है.
एसपी ने चलाया था विशेष अभियान
एसपी भावना गुप्ता ने जिले के अलग-अलग थानों में लंबे समय से दर्ज मोबाइल गुमने की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा था कि मोबाइल आज केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि लोगों की निजी जानकारी, बैंकिंग, डिजिटल पहचान और रोजमर्रा के कामकाज का अहम हिस्सा बन चुका है. ऐसे में मोबाइल का गुम होना व्यक्ति के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है. पुलिस टीमों ने गुम मोबाइलों की तलाश के लिए कई दिनों तक लगातार मेहनत की.तकनीकी साधनों, आईएमईआई ट्रैकिंग, सर्विस प्रोवाइडर से समन्वय और अलग-अलग जिलों एवं राज्यों में फैले नेटवर्क के जरिए मोबाइल फोन का पता लगाया गया.
किन जिलों से मोबाइल किए गए रिकवर
इस अभियान के दौरान केवल बलौदाबाजार-भाटापारा जिले तक ही सीमित न रहते हुए पुलिस ने जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, महासमुंद, रायपुर, रायगढ़, अंबिकापुर, सूरजपुर और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जैसे कई जिलों से मोबाइल रिकवर किए. इतना ही नहीं, दीगर राज्यों महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा, मध्यप्रदेश और बिहार तक पहुंचकर भी गुम मोबाइलों की बरामदगी की गई.यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि अंतरराज्यीय स्तर पर मोबाइल रिकवरी करना समय, संसाधन और समन्वय की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण होता है.
“पुलिस जनता के लिए है” का संदेश
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए कहा कि पुलिस का यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा.उन्होंने कहा कि गुम मोबाइल की रिपोर्ट दर्ज कराना नागरिक का अधिकार है और पुलिस का कर्तव्य है कि वह पूरी गंभीरता से उस पर काम करे.उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि कहीं भी कोई लावारिस मोबाइल पड़ा हुआ मिले या कोई व्यक्ति बिना रसीद के बहुत कम कीमत में मोबाइल उपलब्ध कराने की बात करे, तो सतर्क रहें.ऐसा मोबाइल चोरी का हो सकता है या किसी अपराध में प्रयुक्त किया गया हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी थाना को सूचना दें और जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें.
मोबाइल फोन आज संवेदनशील जानकारी से भरा होता है.यदि यह गलत हाथों में चला जाए, तो उसका दुरुपयोग किया जा सकता है. इसलिए सभी लोग अपने मोबाइल को सुरक्षित रखें, पासवर्ड और बायोमेट्रिक लॉक का उपयोग करें और गुम होने की स्थिति में तुरंत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराएं- भावना गुप्ता,एसपी
साइबर ठगी से बचाव पर जागरूकता
कार्यक्रम के दौरान केवल मोबाइल वितरण ही नहीं, बल्कि साइबर ठगी और उससे बचाव के उपायों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं, जैसे फर्जी कॉल, ओटीपी मांगना, लिंक भेजकर जानकारी चुराना और फर्जी ऐप के जरिए धोखाधड़ी करना. लोगों को समझाया गया कि किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें और संदेह होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें.
वर्ष 2025 में भी रहा था सफल अभियान
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने इतनी बड़ी संख्या में गुम मोबाइल रिकवर किए हों. वर्ष 2025 में भी पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर लगभग 96 लाख रुपये कीमत के 640 नग गुम मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए थे. लगातार दूसरे वर्ष भी इस तरह की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि जिला पुलिस इस दिशा में गंभीरता और निरंतरता के साथ काम कर रही है.






